Dhanbad News: कोल बेड मीथेन ब्लाॅक से दिसंबर 2026 तक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य

कोयला मंत्रालय की टीम ने किया बीसीसीएल का दौरा, झरिया सीबीएम ब्लॉक-1 व 2 की प्रगति की समीक्षा की

By ASHOK KUMAR | January 14, 2026 2:31 AM

कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने 12 व 13 जनवरी को बीसीसीएल का दो दिवसीय दौरा किया. इस दौरान झरिया कोलफील्ड अंतर्गत झरिया सीबीएम ब्लॉक-1 एवं 2 की प्रगति और फील्ड संचालन की समीक्षा की. टीम में निदेशक (तकनीकी) बीरेंद्र कुमार ठाकुर एवं वरिष्ठ प्रबंधक रंजन कुमार दास शामिल थे. दौरे के पहले दिन सोमवार को बीसीसीएल मुख्यालय कोयला भवन में एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गयी, जिसकी अध्यक्षता बीरेंद्र ठाकुर ने की. इसमें सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, महाप्रबंधक एवं सीबीएम के नोडल अधिकारी संजय कुमार अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. सीएमपीडीआइ मुख्यालय के अधिकारी तथा झरिया सीबीएम ब्लॉक-1 की ऑपरेटर प्रभा एनर्जी लिमिटेड के प्रतिनिधि भी शामिल हुए. बैठक में परियोजना की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और तय समय-सीमा को लेकर विस्तार से चर्चा की गयी. निदेशक तकनीकी श्री ठाकुर ने कहा कि झरिया सीबीएम ब्लॉक-1 कोल इंडिया की पहली कोल बेड मीथेन परियोजना है, जो स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों से आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए दिसंबर 2026 तक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य पूरा करने को कहा. साथ ही सुरक्षा, पर्यावरणीय नियमों और कार्यकुशलता पर विशेष ध्यान देने की बात कही. उन्होंने बताया कि इस परियोजना के सफल होने से बीसीसीएल की आय में वृद्धि होगी, देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी और भविष्य की सीबीएम परियोजनाओं के लिए रास्ता खुलेगा. वहीं बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने मंत्रालय के सहयोग और मार्गदर्शन के लिए आभार जताते हुए समयबद्ध लक्ष्य हासिल करने की प्रतिबद्धता दोहरायी.

सुरक्षा व्यवस्था व परिचालन तैयारी का लिया जायजा

कोयला मंत्रालय की टीम ने दौरे के दूसरे दिन मंगलवार को झरिया सीबीएम ब्लॉक-1 का स्थल निरीक्षण किया. टेस्ट वेल्स की ड्रिलिंग प्रगति, सुरक्षा व्यवस्था एवं परिचालन तैयारी का जायजा लिया. अधिकारियों ने कार्यों की सराहना करते हुए परीक्षण कुंओं का काम जल्द पूरा कर गैस उत्पादन शुरू करने पर जोर दिया. इस दो दिवसीय दौरे से झरिया सीबीएम परियोजना को गति मिलने की उम्मीद है. जो भारत की स्वच्छ व वैकल्पिक ऊर्जा नीति में अहम भूमिका निभायेगी.

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