सावन की तीसरी सोमवारी पर सुबह से ही शिवालयों में बाबा भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही. कहीं बाबा का ब्रह्म मुहूर्त में रुद्राभिषेक किया गया, तो कहीं भस्म से बाबा का शृंगार किया गया. कहीं 11 किलो दूध से रुद्राभिषेक तो कहीं विशेष शृंगार हुआ. दिनभर हर-हर महादेव के उद्घोष से मंदिर गूंजते रहे.
मंदिरों में तरह-तरह के आयोजन
कई मंदिरों में महिला मंडली ने भजन कीर्तन किया. श्रीश्री भूतनाथ महादेव मंदिर के सदस्यों ने बाबा भोलेनाथ का रुद्राभिषेक किया. सुबह छह बजे से शिवालय में श्रद्धालु पहुंचने लगे थे. यहां मंदिर कमेटी हर सोमवार को विशेष पूजा की तैयारी करती है. अंतिम सोमवारी 24 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त में उज्जैन महाकाल की तर्ज पर मंदिर में भस्म आरती की जायेगी.
भूईंफोड़ मंदिर में पहुंचा कांवरियों का जत्था
भूईंफोड़ मंदिर में भक्तों ने बाबा का जलाभिषेक के बाद गंगाजल, दूध, धी, मधु व गन्ना के रस से रुद्राभिषेक किया. महिलाओं व युवतियों ने उपवास रख पूजा-अर्चना की. कांवरियों के जत्था ने मंदिर पहुंचकर बाबा से कांवर यात्रा निर्विघ्न पूरा कराने की प्रार्थना की. शाम में बाबा का भव्य शृंगार किया गया.
खड़ेश्वरी मंदिर में भस्म से हुआ बाबा का संस्कार
गोल्फ ग्राउंड स्थित खड़ेश्वरी मंदिर में बाबा का भस्म से शृंगार तथा 11 किलो दूध से रुद्राभिषेक किया गया. श्रद्धालुओं का दिनभर तांता लगा रहा. शाम में आरती के बाद महिलाओं ने भजन-कीर्तन किया. शक्ति मंदिर में पुजारी मुकेश पांडे के आचार्यत्व में रुद्राभिषेक कराया गया. ओम नम: शिवाय, जय शिव ओंकारा से परिसर गूंज उठा. इसके अलावा माडा कॉलोनी स्थित शिव शक्ति मंदिर, विकास नगर स्थित शिव मंदिर, सीएमपीएफ स्थित कल्याणेश्वर महादेव मंदिर एवं अन्य शिव मंदिर में पूजा अर्चना की गयी.
