विवाद के बाद स्वास्थ्य विभाग ने काटी सदर अस्पताल धनबाद के डायलिसिस केंद्र की बिजली, हंगामा

डीसीडीसी हेल्थ सर्विस के सेंटर मैनेजर मो हुसैन ने कहा कि मरीजों की डायलिसिस के लिए जेनरेटर लगातार चलाने की वजह से उसमें खराबी आ सकती है. इसलिए डायलिसिस के समय को घटनाया गया है.

धनबाद : सदर अस्पताल परिसर में पीपीपी मोड पर संचालित डायलिसिस यूनिट का बिजली बिल कौन अदा करेगा. इस बात को लेकर डायलिसिस यूनिट का संचालन कर रही एजेंसी डीसीडीसी हेल्थ सर्विस व स्वास्थ्य विभाग के बीच विवाद हो गया है. इसके बाद से ही स्वास्थ्य विभाग ने डायलिसिस यूनिट का बिजली कनेक्शन काट दिया है. हालांकि, किसके कहने पर बिजली कनेक्शन काटा गया है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस मामले पर कुछ भी बोलने से बच रहे है. पिछले 12 दिनों से केंद्र की बिजली गुल है.जनरेटर के माध्यम से मरीजों की डायलिसिस हो रही है. केंद्र में एक मरीज की डायलिसिस में लगभग चार घंटें लगते हैं. जनरेटर से डायलिसिस सेवा शुरू होने पर समय को घटा कर तीन घंटे कर दिया गया है. ऐसे में मरीज व उनके परिजनों ने गुरुवार को केंद्र में हंगामा किया.

बिल को लेकर अगर कोई विवाद है, तो स्वास्थ्य विभाग एजेंसी से करे बात : एजेंसी

डीसीडीसी हेल्थ सर्विस के सेंटर मैनेजर मो हुसैन ने कहा कि मरीजों की डायलिसिस के लिए जेनरेटर लगातार चलाने की वजह से उसमें खराबी आ सकती है. इसलिए डायलिसिस के समय को घटनाया गया है. हमारे पास दूसरा कोई विकल्प नहीं है. एनएचएम से करार के उपरांत एजेंसी ने डायलिसिस कार्य शुरू किया है. अगर बिजली बिल को लेकर कोई विवाद है, तो स्वास्थ्य विभाग को एजेंसी से बात करनी चाहिए.

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कागजात के साथ एजेंसी को बुलाया गया है : सीएस

सिविल सर्जन डॉ चंद्रभानु प्रतापन ने कहा कि पिछले पांच दिनों से एजेंसी के प्रतिनिधियों को करार के दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत होने को कहा गया है. अबतक उनकी ओर से कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा है. करार के अनुसार स्वास्थ्य विभाग को अगर बिजली बिल का भुगतान करना है, तो दिया जायेगा. केंद्र का बिजली कनेक्शन काटने के मामले में सीएस डॉ प्रतापन ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.

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