Dhanbad: निरसा से जुड़े यूपी GST Scam के तार, Rs 402 करोड़ धोखाधड़ी मामले में 8 गरीब मजदूर गिरफ्तार

Dhanbad: धनबाद के निरसा ने 8 गरीब मजदूरों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके नाम पर करीब 402 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई है. गिरफ्तार लोगों को पता भी नहीं है कि उनके बैंक अकाउंट का इस्तेमाल जीएसटी स्कैम के लिए किया गया है.

Dhanbad (निरसा): उत्तर प्रदेश में पिछले साल 2025 में सामने आए जीएसटी घोटाले के बड़े मामलों में अब झारखंड के धनबाद जिले के निरसा क्षेत्र का नाम भी जुड़ गया है. यूपी राज्य कर विभाग और पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने एक साथ मिलकर कार्रवाई की, जिसमें 402 करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाले का पर्दाफाश किया गया. इस मामले में निरसा पुलिस के सहयोग से यूपी पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें औरैया थाना कांड संख्या 543/25 के तहत उत्तर प्रदेश ले जाया गया. गिरफ्तार किए गए सभी 8 लोग बेहद गरीब और मजदूर परिवारों से आते हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि इन लोगों को खुद यह जानकारी तक नहीं थी कि उनके नाम पर 100 से 200 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जी टर्नओवर दिखाया गया है.

मास्टरमाइंड फरार, तलाश जारी

जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी कंपनियां बनाई गईं और जीएसटी के नाम पर करोड़ों रुपये का लेनदेन दिखाया गया. पुलिस के अनुसार इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी मैथन के मेढा निवासी श्याम सुंदर पासवान है, जो फिलहाल फरार है. पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. इसके अलावा निरसा क्षेत्र के कुछ अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.

नौकरी का झांसा देकर लिया गया आधार और बैंक डिटेल्स

जानकारी के मुताबिक श्याम सुंदर पासवान का संपर्क निरसा थाना क्षेत्र के भलजोड़िया रोड निवासी बबलू रजक से पहले से था. दोनों ने मिलकर अन्य लोगों को तेल फैक्ट्री में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया. इसके बदले इन लोगों से आधार कार्ड, वोटर आईडी, फोटो और बैंक पासबुक की फोटोकॉपी ली गई और कुछ पैसे भी वसूले गए. जब दो-तीन महीने तक नौकरी नहीं लगी, तो श्याम सुंदर ने कहा कि नौकरी मिलने तक उनके बैंक खातों में हर महीने 3 से 5 हजार रुपये भेजे जाएंगे. करीब 6 से 8 महीने तक इन लोगों के खातों में यह रकम आती रही, जिससे उन्हें किसी तरह का शक नहीं हुआ.

ये लोग हुए गिरफ्तार

इस मामले में जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें भलजोड़िया निवासी बबलू रजक, बंगालपाड़ा निवासी उमेश मालाकार, प्रदीप शर्मा, कन्हाई साव, गणेश बाउरी, अनिल शर्मा, कुमारधूबी के बरडंगाल निवासी बापी केवड़ा और भलजोड़िया रोड निवासी अजीत शर्मा शामिल हैं.

200 से ज्यादा फर्में पूरी तरह फर्जी

जांच के लिए यूपी से 5 सदस्यीय अधिकारी टीम निरसा पहुंची थी. टीम ने बताया कि जांच में कुल 535 फर्मों की पड़ताल की गई, जिनमें से 200 से अधिक फर्में पूरी तरह बोगस पाई गईं. इन फर्मों का कोई कार्यालय, स्टॉक या वास्तविक कारोबार मौजूद नहीं था.

भाजपा नेता संजय महतो ने उठाई आवाज

इस कार्रवाई के बाद भाजपा नेता संजय महतो के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने यूपी पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की. अधिकारियों ने कहा कि प्रथम दृष्टया इन लोगों के दस्तावेजों के दुरुपयोग के सबूत मिले हैं, लेकिन अंतिम निर्णय न्यायालय करेगा. भाजपा नेता संजय महतो ने इस मामले को लेकर औरैया के भाजपा विधायक से भी संपर्क किया है. फिलहाल यूपी और झारखंड पुलिस इस बड़े जीएसटी घोटाले की गहराई से जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

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By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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