नवोदय विद्यालय रैगिंग के बाद धनबाद के निरसा में हंगामा, बीडीओ-सीओ से नोकझोंक

धनबाद के निरसा स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में 10वीं के छात्र के साथ रैगिंग और मारपीट की घटना के बाद अभिभावक उग्र हो गए. उन्होंने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए.

धनबाद से अरिंदम चक्रवर्ती की रिपोर्ट

Dhanbad News: धनबाद के निरसा थाना क्षेत्र स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय, बेनागड़िया में 10वीं कक्षा के छात्र सुमित कुमार दास के साथ कथित रैगिंग और मारपीट की घटना ने शुक्रवार को उग्र रूप ले लिया. दूसरे दिन बड़ी संख्या में अभिभावक और ग्रामीण विद्यालय परिसर पहुंच गए और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान मौके पर पहुंचे निरसा बीडीओ इंद्रलाल ओहदार और सीओ विक्रम आनंद को भी लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा. कई बार स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि प्रशासनिक अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई. पुलिस बल की मौजूदगी के कारण हालात नियंत्रण में रहे, अन्यथा बड़ी अप्रिय घटना हो सकती थी.

बीडीओ और सीओ को मुख्य गेट पर रोका

आक्रोशित अभिभावकों और ग्रामीणों ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर प्रशासनिक अधिकारियों को करीब दस मिनट तक रोककर रखा. इस दौरान बीडीओ इंद्रलाल ओहदार और सीओ विक्रम आनंद के साथ तीखी बहस हुई. विरोध कर रहे लोगों ने स्कूल परिसर की ओर पानी की खाली बोतलें फेंककर अपना गुस्सा जाहिर किया. मौके पर मौजूद कुछ असामाजिक तत्वों ने पत्थरबाजी का भी प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने समय रहते स्थिति संभाल ली. प्रशासनिक अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की आशंका भी बन गई थी.

पुलिस बल तैनात, सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ लीलेश्वर महतो, निरसा थाना प्रभारी अजीत कुमार भारती सहित निरसा पुलिस अनुमंडल के कई थाना और ओपी की पुलिस मौके पर तैनात रही. पूरे विद्यालय परिसर को सुरक्षा घेरे में रखा गया. पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास करती रही, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो. प्रशासन ने लोगों से संयम बनाए रखने और जांच पूरी होने तक सहयोग करने की अपील की.

50 से अधिक अभिभावक बच्चों को लेकर लौटे घर

घटना के बाद विद्यालय में भय का माहौल बन गया. शुक्रवार को 50 से अधिक अभिभावक अपने बच्चों को हॉस्टल से लेकर घर चले गए. कई अन्य अभिभावक भी विद्यालय परिसर पहुंचे और अपने बच्चों को घर ले जाने की तैयारी करते दिखाई दिए. समाचार लिखे जाने तक विद्यालय परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ था और ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन जारी था. अभिभावकों का कहना था कि जब तक बच्चों की सुरक्षा की ठोस व्यवस्था नहीं होगी, वे अपने बच्चों को विद्यालय में नहीं छोड़ेंगे.

क्या है पूरा मामला, कैसे हुई रैगिंग

जानकारी के अनुसार गोविंदपुर थाना क्षेत्र के नगरक्यारी निवासी 10वीं कक्षा के छात्र सुमित कुमार दास मंगलवार रात अपने हॉस्टल के कमरे में मौजूद था. उसी कमरे में उसके छह अन्य सहपाठी भी थे. मोबाइल पर पैसे ट्रांसफर करने को लेकर छात्रों के बीच विवाद शुरू हुआ. आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद सुमित के सहपाठी विशाल कुमार, अनिकेत कुमार, नमन राज, लक्ष्मण कुमार महतो और अभिजीत सिंह ने देर रात करीब दो बजे उसके हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए. इसके बाद बेल्ट से उसकी पिटाई की गई, गाली-गलौज की गई और पूरी घटना का मोबाइल से वीडियो भी बनाया गया. आरोप है कि छात्रों ने सुमित को धमकी दी कि यदि उसने किसी को घटना की जानकारी दी तो उसके साथ और बुरा किया जाएगा.

दो दिन तक सहने के बाद परिजनों को बताई आपबीती

पीड़ित छात्र दो दिनों तक चुप रहा. वह स्कूल की नर्स से दवा लेकर दर्द सहता रहा, लेकिन किसी को कुछ नहीं बताया. बाद में जब उसकी हालत बिगड़ने लगी तो उसने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी. परिजन तुरंत विद्यालय पहुंचे और छात्र को इलाज के लिए अस्पताल ले गए. गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे धनबाद के एसएनएमएमसीएच रेफर किया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है.

अभिभावकों ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों ने विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए. उनका कहना था कि विद्यालय में नियमित वार्डन नहीं हैं और हाउस टीचर ही वार्डन का काम देखते हैं. विद्यालय में कुल 520 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिनमें लगभग 320 लड़के और 240 लड़कियां शामिल हैं. सुरक्षा के लिए केवल छह गार्ड तैनात हैं, जो तीन शिफ्ट में ड्यूटी करते हैं. यानी किसी भी समय पूरे परिसर की सुरक्षा केवल दो गार्डों के भरोसे रहती है. अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि रात 10 बजे के बाद विद्यालय में जनरेटर की समुचित व्यवस्था नहीं रहती, जिससे सुरक्षा संबंधी समस्याएं और बढ़ जाती हैं.

झाड़ू और लाठी लेकर पहुंचीं महिलाएं

शुक्रवार को बड़ी संख्या में महिलाएं झाड़ू और लाठी लेकर विद्यालय परिसर में प्रवेश कर गईं. स्थिति को बिगड़ता देख एसडीपीओ लीलेश्वर महतो और थाना प्रभारी अजीत कुमार भारती ने पुलिस बल के साथ काफी मशक्कत कर महिलाओं को समझाया और शांतिपूर्वक बाहर निकाला. इस दौरान पुलिस को भी लोगों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा.

11 सदस्यीय निगरानी समिति का गठन

घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल 11 सदस्यीय निगरानी समिति का गठन किया है. इस समिति में विद्यालय प्रबंधन, स्थानीय ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है. समिति पूरे मामले की जांच करेगी, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेगी और अपनी रिपोर्ट धनबाद उपायुक्त को सौंपेगी. प्रशासन का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

यह पहली बार नहीं है जब बेनागड़िया स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय किसी गंभीर घटना को लेकर चर्चा में आया हो. 26 अप्रैल 2026 को कक्षा नौ के छात्र आयुष टोप्पो की विद्यालय परिसर से लगभग पांच किलोमीटर दूर रामपुर तालाब में डूबने से मौत हो गई थी. इससे पहले 30 अगस्त 2023 को आठवीं कक्षा के 12 छात्रों के साथ सीनियर छात्रों द्वारा रैगिंग का मामला भी सामने आया था. विद्यालय की दीवार फांदकर छात्रों के नशा करने की शिकायतें भी समय-समय पर सामने आती रही हैं.

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प्राचार्य ने दोषियों पर कार्रवाई का दिया भरोसा

विद्यालय की प्राचार्य उषा कुजूर ने कहा कि अभिभावकों को पहले से ही बच्चों को मोबाइल फोन नहीं देने के लिए लिखित रूप से सूचित किया गया था. उन्होंने माना कि इस तरह की घटना बेहद चिंताजनक है. प्राचार्य ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जो भी छात्र दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ विद्यालय के नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी. वहीं पीड़ित छात्र के पिता और विद्यालय प्रबंधन ने अलग-अलग लिखित शिकायत निरसा थाना में दी है. पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी कर मामले की जांच में जुटी हुई है.

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लेखक के बारे में

Published by: Kumarvishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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