आमाघाटा पावर सब स्टेशन का एक पावर ट्रांसफार्मर खराब होते ही पूरा गोविंदपुर अंधेरे में चला गया. सोमवार देर रात से सोमवार तक बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती गयीं. सबसे बड़ी परेशानी यह है कि बारिश के बीच बिजली संकट से निपटने के लिए उपभोक्ताओं को तत्काल कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं मिल सकी.
रूठी बिजली रानी का इंतजार खत्म ही नहीं होता
ट्रांसफॉर्मर में खराबी के बाद जियलगढ़ा, कौआबांध, रंगडीह, खिलकनाली समेत गोविंदपुर के अधिकांश इलाकों में बिजली गुल है. सोमवार रात से ही बिजली का इंतजार कर रहे लोगों को मंगलवार दिनभर राहत नहीं मिली. लगातार बारिश के कारण विभाग की मरम्मत टीम को भी तकनीकी काम करने में परेशानी हो रही है.
बिजली गयी तो पानी भी बंद
लंबे बिजली संकट का सीधा असर घरेलू जीवन पर पड़ा. घरों में पानी की मोटर नहीं चलने से जलापूर्ति प्रभावित हुई, जबकि पंखे-कूलर बंद रहने से उमस और गर्मी में लोगों की परेशानी बढ़ी. मोबाइल और जरूरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्ज करने के लिए भी लोगों को दूसरे विकल्प तलाशने पड़े.
दुकानदारों का कारोबार भी ठप
बिजली पर निर्भर छोटे दुकानदारों और कारोबारियों के लिए संकट और गंभीर है. बिजली नहीं रहने से कई विद्युत उपकरण नहीं चल सके और कारोबार प्रभावित हुआ. लोगों का कहना है कि बिजली कटौती अब केवल असुविधा नहीं, बल्कि रोजमर्रा के काम और कमाई पर सीधा असर डालने वाली समस्या बन गयी है.
बारिश के बीच कब मिलेगी राहत?
बिजली विभाग की टीम ट्रांसफार्मर की खराबी दूर करने में जुटी है. विभाग ने मौसम सामान्य रहने पर बुधवार देर शाम तक आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद जतायी है. हालांकि बारिश जारी रही तो मरम्मत में और समय लग सकता है.
एक ट्रांसफॉर्मर के कारण बढ़ रही मुसीबत
उपभोक्ताओं का सवाल है कि एक ट्रांसफॉर्मर खराब होने पर पूरे इलाके की बिजली व्यवस्था क्यों चरमरा जाती है और आपात स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं है? लोगों ने विभाग से तत्काल बिजली बहाल करने के साथ भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए बैकअप व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.
