Dhanbad News: नाम बदला, रंग बदला... बावजूद 15 माह बाद पुलिस ने जब्त किया ‘बंगाल टाइगर’ बस

Dhanbad News: राजगंज सड़क हादसे में सात मौतों की जिम्मेदार यात्री बस दलूडीह में पकड़ी गयी

Dhanbad News: राजगंज सड़क हादसे में सात मौतों की जिम्मेदार यात्री बस दलूडीह में पकड़ी गयी-22 फरवरी, 2025 की है घटना

-हादसे के बाद ‘वंदे भारत’ नाम से सड़क पर दौड़ रही थी बस

-अनुसंधान और इंश्योरेंस प्रक्रिया थी प्रभावितDhanbad News: नाम बदला, रंग बदला, लेकिन पहचान नहीं बदल सके. राजगंज के दलूडीह में 22 फरवरी 2025 को हुए भीषण सड़क हादसे के बाद फरार ‘बंगाल टाइगर’ बस को पुलिस ने अंतत: 15 महीने बाद जब्त कर लिया है. सात लोगों की मौत वाले इस चर्चित हादसे के बाद बस लगातार पुलिस को चकमा देकर सड़कों पर दौड़ रही थी. अब जाकर उसके पकड़े जाने से मामले की जांच को गति मिलेगी. राजगंज पुलिस ने बताया कि सोमवार रात बिहारशरीफ से कोलकाता जा रही बस को दलूडीह के समीप जब्त किया गया.

कोलकाता की यात्रा कर रहे लोगों ने जब्ती का किया विरोध, सड़क पर बैठे

बस जब्त किये जाने के बाद उसमें सवार यात्रियों ने युवराज होटल के पास विरोध जताया. कुछ यात्री इसी वाहन से गंतव्य तक पहुंचाने की मांग को लेकर सड़क पर बैठ गये. हालांकि पुलिस ने सभी यात्रियों को अन्य वाहनों से रवाना किया. इसके बाद मंगलवार तड़के बस को थाना लाया गया. पुलिस के अनुसार, बस को पकड़ने के लिए एक टीम कई माह से निगरानी कर रही थी. सोमवार रात डुमरी टोल प्लाजा के पास बैठे पुलिसकर्मियों ने बस का पीछा किया और राजगंज के पास उसे पकड़ लिया. कार्रवाई में थाना प्रभारी संजीव कुमार झा और अनुसंधानकर्ता दारोगा धर्मदेव प्रसाद की अहम भूमिका रही.

दुर्घटनाग्रस्त दो वाहनों में बस ने मारी थी टक्कर

22 फरवरी की रात करीब 1.15 बजे कुंभ स्नान के लिए पश्चिम बंगाल के हुगली से प्रयागराज जा रही स्कॉर्पियो डब्ल्यूबी 18टीबी 5672 और एक अन्य कार सिक्स लेन पर खड़े ट्रक आरजे 14जीपी 5425 से टकरा गयी थीं. इसके बाद कोलकाता से बिहारशरीफ जा रही बंगाल टाइगर बस डब्ल्यूबी 76ए 5660 दुर्घटनाग्रस्त वाहनों से टकरा गयी. हादसे में मौके पर चार तथा इलाज के दौरान तीन लोगों की मौत हुई थी. हादसे में आगोमोनी साहा, अन्वेशा साहा, श्यामोली साहा, पियाली साहा, प्रणय साहा, सुदीप साहा और चालक शेख राजव अली की मौत हो गयी थी.

पुलिस ने क्या कहा

अनुसंधानकर्ता दारोगा धर्मदेव प्रसाद ने बताया कि हादसे में शामिल बंगाल टाइगर बस घटना के बाद फरार हो गयी थी. इन दिनों उसका नाम बदलकर ‘वंदे भारत’ कर दिया गया था और रंग भी बदल दिया गया था. बस के नहीं पकड़े जाने से अनुसंधान की प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी. वहीं मृतकों के इंश्योरेंस से जुड़े मामले भी लंबित थे.

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