Dhanbad News : उत्तर प्रदेश में वर्ष 2025 में जीएसटी हेराफेरी के कई बड़े मामले सामने आये थे. इसे लेकर यूपी के वरीय पुलिस अधिकारियों ने एसआइटी का गठन कर 402 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया था. फर्जी कंपनी का फर्म बनाकर इस करोड़ों रुपए के टर्नओवर के मामले में निरसा पुलिस के सहयोग से उत्तर प्रदेश के औरैया थाना कांड संख्या 543/25 के आधार पर निरसा पुलिस अनुमंडल क्षेत्र से आठ लोगों को गिरफ्तार कर एक सप्ताह पहले अपने साथ लेकर गयी थी. मामला 26 जनवरी का था. यह सभी आठ लोगों को सरकारी गवाह बना कर यूपी पुलिस ने छोड़ दिया. इधर, सभी की घर वापसी के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली. सभी लोग अत्यंत ही गरीब एवं मजदूर परिवार से थे.
आरोपियों को पता ही नहीं था कि इतने का टर्नओवर उनके नाम हुआ है
आरोपियों को पता ही नहीं था कि उनके नाम पर 100- 200 करोड़ से अधिक का टर्नओवर किया गया है. इन आठ लोगों के नाम से फर्जी तरीके से कंपनी रजिस्ट्रेशन करवा कर जीएसटी का लेनदेन किया गया था. इस मामले का मास्टरमाइंड मैथन के मेढ़ा निवासी श्याम सुंदर पासवान अभी भी फरार हैं. यूपी के औरैया कोतवाली पुलिस श्यामसुंदर की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है. भलजोड़िया रोड निवासी खैनी विक्रेता बबलू रजक, बंगाल पाड़ा निवासी उमेश मालाकार, पत्थरचटी बंगालपाड़ा निवासी प्रदीप शर्मा, कुमारधुबी के बरडंगाल निवासी बापी केवड़ा, बंगालपाड़ा निवासी कन्हाई साव, गणेश बाउरी, अनिल शर्मा एवं भलजोड़िया रोड निवासी अजीत शर्मा का फर्द बयान लेकर उन लोगों को छोड़ दिया है. भविष्य में अगर इस मामले में कोई आवश्यकता पड़ेगी, तो इन लोगों को बुलाया जा सकता है.
