Dhanbad News: पोइला बोइशाख, बैसाखी और सतुआन आज, त्योहारों को लेकर विशेष उत्साह

जिले में 14 अप्रैल को अलग-अलग परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाले कई महत्वपूर्ण पर्व मनाये जायेंगे.

जिले में 14 अप्रैल को अलग-अलग परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाले कई महत्वपूर्ण पर्व मनाये जायेंगे. इसे लेकर लोगों में खासा उत्साह है. हर समुदाय अपने-अपने तरीके से तैयारियों में जुटा हुआ है. इस दिन बंगाली समुदाय की ओर से पोइला बोइशाख मनाया जायेगा. यह दिन बांग्ला कैलेंडर में नये साल का पहला दिन है. बंगाली समुदाय की ओर से इसे नववर्ष के स्वागत के रूप में मनाया जाता है. इस दिन लोग नये वस्त्र पहनते हैं. वहीं व्यापारिक प्रतिष्ठानों में पूजा-अर्चना के बाद नया बही खाता खोलने की परंपरा निभायी जाती है. एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं दी जाती हैं. वहीं सिख समुदाय की ओर से इस दिन धूमधाम से बैसाखी मनायी जाती है. यह पर्व रबी फसल की कटाई की खुशी में मनाया जाता है. इस अवसर पर गुरुद्वारों में विशेष आयोजन होते हैं. लोग भांगड़ा और गिद्दा कर इस दिन का आनंद लेते हैं. इधर बिहार में इस दिन सतुआन मनाया जाता है. इस अवसर पर लोग सत्तू का सेवन करते हैं, जो गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडक और ऊर्जा देने वाला पारंपरिक आहार माना जाता है. इस अवसर पर घरों में विशेष पकवान बनाए जाते हैं. मिथिला क्षेत्र में इस दिन जुड़ शीतल मनाया जाता है. इसका विशेष महत्व है. यह पर्व प्रकृति और जल संरक्षण से जुड़ा हुआ है. इस दिन लोग सुबह उठकर एक-दूसरे पर ठंडा जल छिड़कते हैं और ठंडे भोजन का सेवन करते हैं, जिससे गर्मी से राहत मिले और आपसी प्रेम बढ़े.

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By Ashok kumar

आशीष कुमार प्रिंट माध्यम में 16 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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