प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर दो दिवसीय धनबाद दौरे पर हैं. दौरे के पहले दिन सोमवार को उन्होंने कोयला भवन में बीसीसीएल की प्रमुख परियोजनाओं और कंपनी की भविष्य की कार्ययोजना की उच्चस्तरीय समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने देश में कोकिंग कोल की बढ़ती मांग को देखते हुए बीसीसीएल को उपलब्ध संसाधनों का वैज्ञानिक और अधिकतम उपयोग कर उत्पादन क्षमता बढ़ाने का निर्देश दिया.
तरुण कपूर ने कहा कि उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक, मशीनीकरण और परिचालन दक्षता को बढ़ावा देने की जरूरत है. इसके साथ ही सुरक्षित खनन पर विशेष ध्यान देना होगा. उन्होंने झरिया कोलफील्ड के अग्नि प्रभावित और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया.
2030-31 के उत्पादन लक्ष्य और तैयारियों की समीक्षा
कोयला भवन में हुई बैठक में बीसीसीएल के उत्पादन, सुरक्षा, तकनीकी पहल, कोकिंग कोल, गुणवत्ता, डिजिटलीकरण, पर्यावरण और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई. अधिकारियों ने कंपनी के 2030-31 तक के उत्पादन लक्ष्य और उसे हासिल करने के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी दी.
बैठक में पिछले पांच वर्षों के दौरान भूमिगत और ओपनकास्ट खदानों के प्रदर्शन की समीक्षा की गयी. साथ ही अगले पांच वर्षों में उत्पादन बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई. लॉन्गवॉल माइनिंग, हाइवॉल माइनर, एसडीएल, सरफेस माइनर और कंटीन्यूअस माइनर जैसी आधुनिक तकनीकों के विस्तार की योजना भी बैठक में रखी गयी.
झरिया कोलफील्ड के ओपनकास्ट ब्लॉकों के पुनर्गठन और बंद पड़ी खदानों को एमडीओ और रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल के माध्यम से दोबारा विकसित करने की योजनाओं की भी समीक्षा की गयी.
सीबीएम ब्लॉक और लॉन्गवॉल परियोजना का निरीक्षण
समीक्षा बैठक के बाद तरुण कपूर ने सीबीएम ब्लॉक-I का निरीक्षण किया. उन्होंने कोल बेड मीथेन गैस के दोहन में इस्तेमाल होने वाली तकनीक और परियोजना की प्रगति की जानकारी ली. इसके बाद उन्होंने मुनीडीह XVI सीम लॉन्गवॉल परियोजना का दौरा किया. यहां मशीनीकृत भूमिगत खनन के माध्यम से सुरक्षित और दक्ष तरीके से कोकिंग कोल उत्पादन की संभावनाओं को देखा.
झरिया की आग और पुनर्वास पर विशेष जोर
तरुण कपूर ने कुसुंडा क्षेत्र की एना अग्नि परियोजना का भी निरीक्षण किया. यहां अधिकारियों ने उन्हें आग प्रबंधन, सुरक्षा उपायों और वैज्ञानिक तरीके से आग की पहचान की प्रक्रिया की जानकारी दी. थर्मल और सैटेलाइट निगरानी, उत्खनन तथा प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास की स्थिति से भी उन्हें अवगत कराया गया.
इस दौरान तरुण कपूर ने अग्नि प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं. उन्होंने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने पर जोर दिया.
538 मेगावाट क्षमता विस्तार की योजना
बैठक में बीसीसीएल की स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संबंधी योजनाओं की भी समीक्षा की गयी. कंपनी के अनुसार 31 मार्च 2026 तक 27.97 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की जा चुकी है. नेट जीरो लक्ष्य के तहत कंपनी ने 538 मेगावाट क्षमता विस्तार की योजना तैयार की है.
इसके अलावा इको पार्क, वनीकरण, धूल नियंत्रण, कोल नीर परियोजना, डिजिटलीकरण, ऑटोमेशन और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की प्रगति की भी जानकारी तरुण कपूर को दी गयी.
आज बेलगड़िया और करमाटांड़ जाएंगे
दौरे के दूसरे दिन मंगलवार को तरुण कपूर बेलगड़िया और करमाटांड़ पुनर्वास स्थलों का दौरा करेंगे. इस दौरान वे पुनर्वास की जमीनी स्थिति का जायजा लेंगे और प्रभावित परिवारों की समस्याओं और लंबित कार्यों की जानकारी लेंगे. इसके साथ ही जेएमपी, जेआरडीए और पुनर्वास से जुड़े अन्य मामलों की भी समीक्षा प्रस्तावित है.
