पीडीएस डीलरों ने सरकार को दिया अल्टीमेटम, 30 सितंबर तक मांगें नहीं मानीं तो होगा राज्यव्यापी आंदोलन

झारखंड के पीडीएस डीलरों ने बकाया कमीशन और अन्य मांगों को लेकर सरकार को 30 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया है. मांगें न पूरी होने पर आंदोलन होगा.

पीडीएस डीलर्स की लंबित मांगों को लेकर ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन की धनबाद जिला इकाई ने सरकार को आंदोलन का अल्टीमेटम दिया है. फेडरेशन ने सीएम के नाम डीसी के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर समाधान की समय सीमा 30 सितंबर तय की है.

संघ ने कहा है कि तय समय में मांगें नहीं मानी गयीं तो एक अक्तूबर को राजभवन के समक्ष राज्यव्यापी धरना दिया जायेगा. इसके बाद भी समाधान नहीं हुआ तो ‘कमीशन नहीं तो वितरण नहीं’ का निर्णय लिया जा सकता है.

पीडीएस डीलर कर रहे आंदोलन की तैयारी

फेडरेशन के अनुसार झारखंड में करीब 25 हजार पीडीएस डीलर खाद्यान्न वितरण व्यवस्था से जुड़े हैं. डीलरों का कहना है कि पीएमजीकेएवाई, एनएफएसए और जेएसएफएसएस के तहत वितरित खाद्यान्न का कमीशन लंबे समय से लंबित है.

संघ ने सभी बकाया कमीशन का 30 दिनों के भीतर भुगतान करने की मांग की है. साथ ही आवंटित माह से पहले दुकानदारों तक खाद्यान्न पहुंचाने और निर्धारित मात्रा में ही खाद्यान्न उपलब्ध कराने की मांग की गयी है.

सर्वर और इ-पोस की समस्या दूर करने की मांग

डीलरों के अनुसार धनबाद में बड़ी संख्या में परिवार पीडीएस व्यवस्था पर निर्भर हैं. ऐसे में कमीशन भुगतान में देरी के साथ इ-पोस मशीन, नेटवर्क और सर्वर की तकनीकी गड़बड़ियों का असर सीधे खाद्यान्न वितरण पर पड़ता है.

कई बार लाभुकों को भी परेशानी उठानी पड़ती है. संघ ने सर्वर व्यवस्था दुरुस्त करने और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए अलग शिकायत कोषांग गठित करने की मांग की है.

50 हजार रुपये मासिक आय और स्वास्थ्य सुविधा की मांग

पीडीएस डीलरों ने न्यूनतम 50 हजार रुपये मासिक आय सुनिश्चित करने की मांग की है. इसके अलावा डीलर परिवारों को मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य चिकित्सा योजना में शामिल करने की मांग की गयी है. मुख्यमंत्री दाल योजना समेत घोषित अन्य योजनाओं को लागू करने और पीडीएस व्यवस्था में कागजरहित प्रणाली तत्काल शुरू करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है.

मांगें नहीं मानीं तो वितरण रोकने का संकेत

फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि 30 सितंबर तक सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो 1 अक्टूबर को राजभवन के समक्ष राज्यव्यापी धरना दिया जायेगा. इसके बाद भी सरकार ने समाधान नहीं निकाला तो राज्यभर में ‘कमीशन नहीं तो वितरण नहीं’ का फैसला लिया जा सकता है. ऐसा होने पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न वितरण प्रभावित होने की आशंका है.

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By Shobhit ranjan

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