Dhanbad News: धनबाद नगर निगम चुनाव-2026 में काम करने वाले कर्मियों के मानदेय भुगतान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. जहां पंचायती राज शाखा (निर्वाचन कोषांग) और कई गोपनीय शाखाओं के कर्मियों को एक माह के मूल वेतन के समतुल्य राशि का भुगतान किया गया, वहीं अन्य कोषांगों में प्रतिनियुक्त कर्मियों को मात्र 225 तथा पदाधिकारियों को 450 रुपये प्रतिदिन की दर से भुगतान किया गया. इस असमानता से 800-900 कर्मियों में आक्रोश है. इसको लेकर झारखंड मिनिस्टेरियल ऑफिसर्स एसोसिएशन ने उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है.
900 कर्मियों के बीच एक करोड़ रुपये का भुगतान
कर्मियों को आठ अप्रैल को उनके बैंक खातों में राशि का भुगतान किया गया. कर्मियों को 225 रुपये व पदाधिकारी को 450 रुपये की दर से राशि दी गयी. इसमें कुल मिलाकर लगभग एक करोड़ रुपये का भुगतान किया गया. कर्मियों का कहना है कि यह भुगतान न तो संकल्प के अनुरूप है और न ही न्याय संगत. खासकर तब, जब एफएसटी, बीएसटी, मतगणना, रिसीविंग जैसे कार्यों में लगे कर्मियों को समान लाभ नहीं मिला. जानकारी के अनुसार विभाग ने कुल 2.5 करोड़ रुपये सरकार को वापस कर दिया. कर्मियों का आरोप है कि जिला पंचायत शाखा ने अपने कार्यालय को ही निर्वाचन कोषांग मानते हुए वहां कार्यरत कर्मियों को यह लाभ दिया. जबकि अन्य कोषांग को इससे वंचित रखा.
अन्य जिलों मे हुआ है बेसिक का भुगतान
कोडरमा, गोड्डा, जामताड़ा समेत अन्य जिलों में अधिकारियों व कर्मियों को बेसिक वेतन का भुगतान किया गया. जबकि धनबाद में बेसिक की जगह दैनिक मानदेय का भुगतान हुआ.
सरकारी संकल्प के बावजूद भुगतान में विसंगति
झारखंड सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी संकल्प संख्या-565, दिनांक 19 फरवरी 2026 में स्पष्ट निर्देश है कि निर्वाचन कोषांगों में प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों व कर्मियों को एक माह के मूल वेतन के समतुल्य मानदेय दिया जायेगा. साथ ही, यह भी प्रावधान है कि जिन्हें यह लाभ मिलेगा, उन्हें दैनिक पारिश्रमिक (225 व 450 रुपये) नहीं दिया जायेगा.
क्या कहते हैं डीपीआरओ
समय के अभाव व कुछ प्रक्रियागत कारणों की वजह से वेतन भुगतान में समस्या हुई. हालांकि यह स्थिति अस्थायी है और इसे जल्द दूर कर लिया जाएगा. विभाग से आवंटन मांगा जायेगा. उच्च अधिकारियों के साथ लगातार विचार-विमर्श किया जा रहा है और हर स्तर पर समाधान की दिशा में काम चल रहा है. हमारा प्रयास है कि सभी कर्मियों की समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाये.
