Dhanbad News : खरखरी फोरलेन पर अधूरे निर्माण कार्य एवं अस्थायी सीमेंटेड डिवाइडर के कारण लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर शनिवार को एक बार फिर स्थिति तनावपूर्ण हो गयी. मधुबन पुलिस की पहल पर जैसे ही एनएचएआइ द्वारा सड़क निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया गया, मुआवजा को लेकर खरखरी बस्ती के आक्रोशित रैयत ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. विरोध के दौरान ग्रामीणों ने लगभग पांच घंटे तक निर्माण कार्य को बाधित रखा. इस दौरान एनएचएआइ प्रबंधन व रैयत ग्रामीणों के बीच मुआवजा भुगतान को लेकर तीखी नोकझोंक भी हुई. ग्रामीणों का आरोप है कि एनएचएआइ द्वारा सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा बीसीसीएल को भुगतान कर दिया गया है, जबकि संबंधित भूमि के वैध दस्तावेज रैयत ग्रामीणों के पास उपलब्ध है. खरखरी बस्ती के रैयत ग्रामीण शेख इशहाक, शेख अलीम सहित अन्य लोगों ने सवाल उठाया कि जब जमीन रैयतों की है, तो मुआवजा बीसीसीएल को किस आधार पर दिया गया. स्थिति बिगड़ती देख मधुबन पुलिस मौके पर पहुंची और हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों से बातचीत की. मधुबन थाना प्रभारी शुभम कुमार ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि दो दिन बाद त्रिपक्षीय वार्ता करायी जायेगी, उसके बाद निर्माण कार्य पुनः शुरू हो सका. इस संबंध में मधुबन थानेदार शुभम कुमार ने कहा कि जनसुरक्षा हमारी प्राथमिकता है. सड़क निर्माण कार्य पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. मुआवजा विवाद को लेकर संबंधित सभी पक्षों के साथ वार्ता कर जल्द समाधान का प्रयास किया जायेगा.
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