इसाई समुदाय में पुण्य गुरुवार (अंतिम व्यारी) के अवसर पर गुरुवार को कई कार्यक्रम हुए. इस अवसर पर संत एंथोनी चर्च व संत मैरी चर्च में फादर द्वारा चुने हुये 12 शिष्यों के चरण धोये गये. ज्ञात हो कि प्रभु यीशु ने अपनी मृत्यु के एक दिन पूर्व अंतिम भोज का आयोजन किया था. अंतिम भोजन अर्थात पहला प्रभु भोज के पूर्व प्रभु यीशु ने अपने कपड़े उतार कर कमर में अंगोछा बांधकर 12 शिष्यों के पैर धोये थे. इस अवसर पर चर्च के फादर अमातुस कुजूर ने कहा कि, हमें चाहिए कि दिन प्रतिदिन हम प्रभु यीशु के प्रति अपनी भक्ति को बढ़ाते रहें. पुण्य गुरुवार पर प्रार्थना सभा को संबोधित करते हुए फादर ने कहा कि पास्का रहस्य के तीन दिवसीय समारोह कार्यक्रम के आज पहले दिन पुण्य गुरुवार की प्रार्थना सभा में हम सभी यहां उपस्थित हुए हैं. आज विशेष कर हम उस दिन को याद करते हैं जब प्रभु यीशु ने अपने चेलों के साथ आखिरी भोजन किया था. प्रभु यीशु ने स्वयं प्रभु होकर भी एक दास की तरह अपने चेलों के पैर धोए और पुरानी चली आ रही प्रथा को तोड़ दिया था. उस दिन से लेकर आज तक हर पुण्य गुरुवार को पूरी दुनिया में प्रभु यीशु द्वारा रखी गयी यह व्यवस्था दोहरायी जाती है. कार्यक्रम को सफल बनाने में शिशिर प्रभात तिर्की, एतवा टूटी, जॉन कैंप, अनूप दत्ता की सक्रिय भूमिका रही.
इनके पैर धाेये गये
रेजनौर जोजेफ, एंथोनी होरो, मनोज लोरंगा, इतवा टूटी, जोसेफ डहांगा, अनिल कुजूर, आइजक बारला, ओलोक सोरेन, सीरिल कैंप, अंजन, बिलुंग, विलियम पन्ना एवं डेविड कैलपचर शामिल हैं.
गु़ड फ्राई डे आज
शुक्रवार को अपराह्न चार बजे से संत अंथोनी चर्च में पुण्य शुक्रवार अर्थात “गुड फ्राइडे ” के अवसर पर ””क्रूस का रास्ता”” का आयोजन जायेगा. क्रूस का रास्ता प्रभु यीशु के पकड़े जाने, क्रूस पर प्राण दंड दिये जाने एवं क्रूस पर भोगी गयी पीड़ा, मृत्यु के बाद कब्र में रखे जाने तक की 14 विशेष स्थानों की यात्रा है. इसमें प्रभु यीशु के दु:ख भोग को स्मरण किया जायेगा.
