नगर निगम चुनाव को लेकर नामांकन ने मंगलवार को शहर की रफ्तार थाम दी. मेयर व पार्षद पद के प्रत्याशियों ने नामांकन को शक्ति प्रदर्शन में बदल दिया है. कोई घोड़े पर सवार होकर नामांकन करने पहुंचा तो कोई खुले एसयूवी में समर्थकों के साथ. वहीं समर्थकों ने राजस्थानी पगड़ी पहनकर जमकर नारेबाजी की. इस दौरान समाहरणालय गेट से मेमको मोड़ तक भारी भीड़ रही. नामांकन को लेकर प्रशासन ने मेमको मोड़ से समाहरणालय जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग की थी, लेकिन भारी भीड़ के आगे व्यवस्था बौनी साबित हुई. प्रत्याशियों के काफिले को नियंत्रित करने के लिए उन्हें आठ लेन सड़क के बाएं हिस्से से निकाला गया. इसके बाद भी वाहनों की लंबी कतारें लग गयी. मेमको मोड़, निरंकारी चौक और समाहरणालय गेट के आसपास घंटों जाम रहा.
जांच में स्कूली वाहन, एंबुलेंस भी फंसे
सुबह दस बजे लगा जाम अपराह्न तीन बजे तक लगातार बना रहा. इस दौरान स्कूली वाहन, एंबुलेंस, दफ्तर जाने वाले कर्मचारी व राहगीर फंसे रहे. कई लोग वैकल्पिक रास्तों की तलाश में गलियों का सहारा लेते नजर आये. आठ लेन सड़क पर जाम लगने से शहर के अन्य हिस्सों में भी ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया.
इधर नगर निगम चुनाव को लेकर प्रत्याशी किसी भी कीमत पर ताकत दिखाने से पीछे नहीं हैं. बुधवार को नामांकन की अंतिम तिथि है. इस दिन सबसे अधिक नामांकन होने की संभावना है. ऐसे में शहर की यातायात व्यवस्था संभालना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी.