बेड पर चादर नहीं, एसी बंद, उमस भरी गर्मी में तड़प रहे मरीज

हाल एसएनएमएमसीएच की सेंट्रल इमर्जेंसी का : वायरिंग कमजोर होने का हवाला दे नहीं चलायी जा रही सेंट्रलाइज एसी

By Prabhat Khabar News Desk | April 14, 2024 1:05 AM

वरीय संवाददाता, धनबाद,

शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) की कैथलैब में बनी सेंट्रल इमरजेंसी में भर्ती मरीजों का बुरा हाल है. यहां मरीजों को बेड पर चादर नहीं मिल रही है. बेड पर बिना चादर मरीज पड़े दिख जायेंगे. इमरजेंसी में भर्ती टुंडी के रघु टुडू ने बताया : सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद गुरुवार को उन्हें अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था. जिस दिन से वह आये हैं, उस दिन से ही उनकी बेड पर चादर नहीं दी गयी है. मांगने पर चादर नहीं होने की बात कही जाती है. इसके अलावा कई मरीज ऐसे हैं, जो अपने घर से चादर लाकर इस्तेमाल कर रहे हैं.

लगाये गये हैं स्टैंड फैन, पर राहत नहीं :

कैथलैब में बनायी गयी सेंट्रल इमरजेंसी पूरी तरह सेंट्रलाइज है. यानि, दरवाजे को बंद कर दिया जाये, तो हवा भी बाहर नहीं आ या जा सकती है. इसमें सेंट्रलाइज एसी लगायी गयी है. वायरिंग कमजोर होने का हवाला देते हुए एसी का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया गया है. ऐसे में उमस भरी गर्मी में मरीज तड़पने को विवश है. गर्मी से मरीजों को राहत देने के लिए छह स्टैंड फैन लगाये गये हैं. मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण छह स्टैंड फैन काफी नहीं हैं.

जो सक्षम हैं, खरीदते हैं पानी :

कैथलैब में बनी सेंट्रल इमर्जेंसी में पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है. कुछ दिनों पूर्व एक आरओ मशीन लगायी गयी है, लेकिन उसका कनेक्शन जोड़ा नहीं गया है. ऐसे में इमर्जेंसी में भर्ती आर्थिक रूप से सक्षम मरीज बाहर से पानी खरीदते हैं. वही अन्य मरीज मेडिकल कॉलेज के समीप लगे चापानल से अपनी प्यास बुझाते है.

वर्जन

वायरिंग कमजोर होने के कारण इमर्जेंसी की एसी नहीं चलायी जा रही है. वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इमर्जेंसी में स्टैंड फैन लगाये गये हैं. जल्द ही इमर्जेंसी को पुरानी बिल्डिंग में शिफ्ट किया जायेगा. वहां पहले से पेयजल की व्यवस्था है. अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में चादर उपलब्ध है. ऐसे में किस कारण उन्हें चादर नहीं मिल रही, इसको देखेंगे.

डॉ ज्योति रंजन प्रसाद,

प्राचार्य सह प्रभारी अधीक्षक एसएनएमएमसीएच