साइबर अपराध के मामले में अभी भी नौ अभियुक्त फरार, नाबालिग है शातिर

निरसा में साइबर अपराध का बड़ा खुलासा, 9 आरोपी अभी भी फरार. नाबालिग शातिर अपराधियों की तलाश में जुटी कई राज्यों की पुलिस. जानें पूरी खबर.

चिरकुंडा. दूरसंचार विभाग बिहार अनुज्ञप्ति सेवा क्षेत्र पटना से मिली सूचना के सत्यापन के बाद निरसा एसडीपीओ लीलेश्वर महतो के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी से संगठित होकर साइबर अपराध किए जाने के मामलों का खुलासा हुआ है . अभी भी इस मामले में 9 नामजद आरोपी फरार है जो इस प्रकार की घटना को अंजाम दे रहे होंगे.

सभी आरोपी निरसा पुलिस अनुमंडल क्षेत्र के ही हैं . इनमें से जो नाबालिग है वह काफी शातिर है और उसकी तलाश में कुल्टी पुलिस भी कुछ दिन पूर्व कुमारधुबी आई थी. बंगाल पुलिस भी उसे खोज रही है . सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि एक जनवरी से 29 मई 2026 तक मुकेश स्टोर्स चिरकुंडा से लिये गए 64 सिम में 27 सिम से साइबर ठगी किया गया है . मामले में गिरफ्तार आयुष सिंह के अनुसार अपने आईडी से सिम खरीद एक हजार रुपये में तिलतोरिया निवासी प्रेम रविदास व कुमारधुबी गाड़ीखाना रविदास टोला निवासी कुणाल रविदास को बेच देता था .

अपने आईडी से सिम लेकर 1000-1500 रुपये में साइबर अपराधी को देने वालों में गिरफ्तार आयुष सिंह के अलावा कुमारधुबी बाजार निवासी मनमीत सिंह बासु, उड़ियाधौरा कुमारधुबी निवासी मिक्की बाग, कुमारधुबी निवासी शिवम सोनी, मुगमा निवासी करण हाड़ी व शुभम एवं गलफड़बाड़ी निवासी आलोक सिंह का नाम सामने आ रहा है . साथ ही सिम विक्रेता मुकेश स्टोर्स चिरकुंडा के मालिक सोनारडंगाल निवासी मुकेश राय भी आरोपी की सूची में शामिल है.

मामले में फरार चल रहा आरोपी मैथन मोड़ निवासी सुजल कुमार यादव से युवकों ने ट्रेनिंग लेकर साइबर अपराध की घटना को अंजाम देने का काम किया है, ऐसा दर्ज प्राथमिकी से स्पष्ट होता है . कुमारधुबी ओपी प्रभारी मैथ्यू एक्का द्वारा दर्ज प्राथमिकी में 14 युवकों को नामजद आरोपी बनाया गया है जिसमें से 9 फरार है . इनकी गिरफ्तारी के बाद और युवकों का नाम सामने आ सकता है

. निरसा पुलिस अनुमंडल का कुमारधुबी गाड़ीखाना, तिलतोरिया, कालीमाटी, बेनागड़िया, पीठाक्यारी, चिरकुंडा नीचे बाजार सहित दर्जनों ऐसा इलाका है जहां साइबर अपराध से जुड़े दर्जनों युवक निवास करते हैं . तत्काल मोटी कमाई देख 14-18 वर्ष के काफी बच्चे इस प्रकार के अपराध में शामिल हो रहे हैं . पकड़े जाने पर कुछ दिन के लिए जेल जाना पड़ता है और जमानत पर छूट कर आने के बाद पुनः उसी धंधे में शामिल हो जाते हैं . देश के विभिन्न राज्यों की पुलिस का आना जाना इस अनुमंडल के थाना व ओपी में लगा रहता है .


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लेखक के बारे में

By अरिंदम चक्रवर्ती

अरिंदम चक्रवर्ती बीते 11 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। वे निरसा क्षेत्र की खबरों की रिपोर्टिंग और संपादकीय समन्वय का दायित्व निभाते हैं। स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और क्षेत्रीय घटनाओं पर तथ्यपरक एवं विश्वसनीय रिपोर्टिंग उनकी प्रमुख पहचान है।

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