Dhanbad News: पीएचडी के लिए नेट क्वालिफाइ होना जरूरी

Dhanbad News: बीबीएमकेयू में कुलपति की अध्यक्षता में हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक

Dhanbad News: बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, धनबाद की 19वीं विद्वत परिषद् की बैठक बुधवार को कुलपति डॉ (प्रो) रामकुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई. इस बैठक में पीएचडी सेल को-ऑर्डिनेटर डॉ नकुल प्रसाद एवं सदस्य डॉ तनुजा कुमारी ने पीएचडी रेगुलेशन 2022 के एसओपी को प्रस्तुत किया. परिषद् ने सर्वसम्मति से प्रस्तुत एसओपी के साथ पीएचडी रेगुलेशन को स्वीकार कर लिया. बैठक में परिषद के अन्य सदस्य डीएसडब्ल्यू डॉ पुष्पा कुमारी, कुलसचिव प्रो राधानाथ त्रिपाठी, कुलानुशासक डॉ कौशल कुमार और सभी डीन व विभागाध्यक्ष उपस्थित थे. यूजीसी के 11 फरवरी 2025 के परिपत्र के अनुसार यूजीसी केयर सूचीबद्ध जर्नल में प्रकाशन अब अनिवार्य नहीं रहेगा. बैठक में रिसर्च एडवाइजरी कमेटी गठन को अंतिम रूप दिया गया. यह डीआरसी (डिपार्टमेंटल रिसर्च काउंसिल) की सहायता करेगा और शोध गतिविधियों की निगरानी सुनिश्चित करेगा.

पर्यवेक्षक मान्यता प्रमाण-पत्र : प्रत्येक शोध पर्यवेक्षक को मान्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किये जायेंगे, जिससे उनकी भूमिका और जिम्मेदारी स्पष्ट रहेगी. विद्वत परिषद ने यूजीसी के 28 मार्च 2024 के परिपत्र के अनुसार पीएचडी प्रवेश के लिए नेट व जेआरएफ अनिवार्यता लागू करने का निर्णय लिया है.

शोधार्थियों के लिए रियायतें :

पीएचडी रेगुलेशन 2019 के अंतर्गत शोध कर रहे प्रमाणित शोधार्थियों को संशोधित सुविधा देने का निर्णय लिया गया है. अब उन्हें केयर जर्नल की बजाय केवल एक शोध पत्र ही आवश्यक होगा, दूसरी प्रेस्टीजियस इंडेक्स्ड जर्नल में प्रकाशन स्वीकार्य होगा. डीलिट और डीएससी रेगुलेशन‑2019 के तहत शोध कार्य की व्यवस्था पहले जैसी जारी रहेगी. साथ ही विदेशी भाषाओं में शोध करने के लिए शोधार्थियों के लिए फॉरेन लैंग्वेज सेल तैयार करने पर भी सहमति बनी, जो संबंधित विषयों की देखरेख करेगा.

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By MANOJ KUMAR

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