बरटांड़ स्थित एशियन द्वारिकादास जालान अस्पताल समेत जेपी हॉस्पिटल व नयनसुख नेत्रालय को आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना से बाहर कर दिया गया है. इस संबंध में झारखंड स्टेट आरोग्य सोसायटी (जसास) के कार्यकारी निदेशक अबु इमरान ने आदेश जारी कर दिया. इन अस्पतालों को आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों के इलाज की अनुमति नहीं होगी. जानकारी के अनुसार आयुष्मान भारत योजना की नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (एनएचए) टीम ने जालान समेत जेपी अस्पताल व नयनसुख नेत्रालय की जांच की थी. अधिकारियों की मानें, तो जांच में इन अस्पतालों में कुछ गड़बड़ी पकड़ी गयी. एनएचए ने अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को दी. इसके बाद इन अस्पतालों को असूचीबद्ध कर दिया गया है. बता दें कि इससे पहले भी विभिन्न गड़बड़ी के आरोप में धनबाद के लाइफ केयर व नयन आइ हॉस्पिटल को आयुष्मान भारत योजना से हटा दिया गया है. योजना के नाम पर गड़बड़ी करने वाले कुछ अन्य अस्पताल भी एनएचए की जांच के दायरे में है.
वर्तमान में आयुष्मान में सूचीबद्ध सिर्फ 16 अस्पताल :
वर्तमान में जिले के 16 अस्पताल ही आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध है. इससे पहले आयुष्मान से सूचीबद्ध अस्पतालों की संख्या 24 थी. आयुष्मान योजना के नोडल डॉ सरबजीत सिंह ने बताया कि वर्तमान में असर्फी हॉस्पिटल, एएसजी हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड, अविनाश हॉस्पिटल, चौधरी नर्सिंग होम, धनबाद नर्सिंग हाेम प्राइवेट लिमिटेड, डॉ ज्योतिर भूषण हेल्थ केयर एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड, झारखंड डायबिटिक एंड आइ सेंटर, जिम्सार हॉस्पिटल, पाटलीपुत्र नर्सिंग होम, प्रगति हॉस्पिटल, संजीवनी नर्सिंग होम, पूजा नर्सिंग होम, यशलोक हॉस्पिटल आदि समेत अन्य अस्पताल आयुष्मान से सूचीबद्ध है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
