Dhanbad News: करार खत्म होने से पहले हाईकोर्ट पहुंचा मणिपाल हेल्थमैप
Dhanbad News: रिट याचिका का हवाला देकर एसएनएमएमसीएच प्रबंधन से की यथास्थिति बनाये रखने की मांग
By OM PRAKASH RAWANI | Updated at :
Dhanbad News: शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) में पीपीपी मोड पर संचालित मणिपाल हेल्थमैप डायग्नोस्टिक्स की सेवाओं पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं. स्वास्थ्य चिकित्सा, शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग और एजेंसी के बीच हुआ करार 31 मार्च 2026 को समाप्त हो गया. जबकि विभाग की ओर अब तक एजेंसी को एक्सटेंशन नहीं दिया गया है. इस बीच एजेंसी ने मामले को लेकर झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
एजेंसी ने की दंडात्मक कार्रवाई रोकने व सेवाएं जारी रखने की मांग
हेल्थमैप डायग्नोस्टिक प्राइवेट लिमिटेड ने 28 मार्च को एसएनएमएमसीएच के अधीक्षक डॉ डीके गिंदौरिया को पत्र भेजकर सूचित किया है कि उन्होंने 21 फरवरी को झारखंड हाईकोर्ट, रांची में रिट याचिका दायर की है. इसका शीर्षक एजेंसी बनाम झारखंड राज्य व अन्य है. यह फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है. एजेंसी का कहना है कि चूंकि मामला सब ज्यूडिस है, इसलिए इस अवधि में अस्पताल प्रबंधन को किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई या सेवा रोकने से बचना चाहिए. हेल्थमैप डायग्नोस्टिक्स ने प्रबंधन से अनुरोध किया है कि न्यायालय के अंतिम निर्णय तक यथास्थिति बनाये रखी जाये. कंपनी ने अस्पताल प्रशासन से सहयोग और समझ की अपेक्षा जतायी है. साथ ही कहा है कि किसी भी प्रकार की कार्रवाई अदालत के फैसले के बाद ही करनी चाहिए.
रेडियोलॉजी सेवाएं उपलब्ध कराती है एजेंसी
मणिपाल हेल्थमैप डायग्नोस्टिक्स एसएनएमएमसीएच समेत राज्य के कई मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में सीटी स्कैन, यूएसजी, एक्स-रे व अन्य रेडियोलॉजी सेवाएं उपलब्ध करा रही है. ज्ञात हो कि एसएनएमएमसीएच में फिलहाल सीटी स्कैन की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है. ऐसे में मणिपाल हेल्थमैप की सेवा बंद होने से मरीजों को परेशानी हो सकती है.
मुख्यालय से निर्देश मिलने पर करेंगे आगे की कार्रवाई : अधीक्षक
मामले में एसएनएमएमसीएच के अधीक्षक डॉ डीके गिंदौरिया ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के साथ एजेंसी का करार मंगलवार की आधी रात को खत्म हो गया है. हालांकि, अबतक मुख्यालय से इस संबंध में कोई दिशा निर्देश नहीं मिला है. मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई करेंगे, तब तक एजेंसी की सेवाएं जारी रहेंगी.