कुस्तौर दुर्गा मंदिर के पास स्थित एसबीआइ की एटीएम से लोगों के पैसे उड़ाने की कोशिश कर रहे एक युवक को मंगलवार की सुबह लोगों ने रंगेहाथ पकड़कर केंदुआडीह पुलिस को सौंप दिया. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है. ज्ञात हो कि इस एटीएम में पहले भी कई लोगों के पैसे फंस चुके हैं, जो बाद में किसी ने निकाल लिये. ऐसे में परेशान लोग उक्त एटीएम पर नजर रख रहे थे.
निगरानी कर रहे लोगों ने युवक को पकड़ा
मंगलवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे बीएनआर नदी धौड़ा निवासी बीसीसीएलकर्मी महफूज आलम 3500 रुपये निकालने उक्त एटीएम पहुंचे. सभी प्रक्रिया पुरी करने के बाद मशीन में रुपये की गिनती हुई, पर निकासी स्लॉट पर काले रंग का बॉक्स चिपका होने के कारण पैसे बाहर नहीं निकले. निराश हो वह लौटने लगे तो बाहर निगरानी कर रहे स्थानीय लोगों ने उन्हें कुछ देर इंतजार करने को कहा. थोड़ी देर बाद एक बाइक से तीन युवक पहुंचे. उनमें से एक युवक बाइक से उतर गया और कुछ देर इधर-उधर घुमने के बाद उक्त एटीएम में गया. उसने निकासी स्लॉट पर लगे बॉक्स को हटाकर पैसे निकाल लिये. जैसे ही वह बाहर निकला, लोगों ने उसे पकड़ लिया. तलाशी लेने पर उसके पास से 3500 रुपये, एक एटीएम कार्ड व मोबाइल बरामद हुए. इसपर रुपये महफूज आलम को लौटा दिये गये. सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंची. इसके बाद लोगों ने उक्त युवक को पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस एटीएम के कैश स्लॉट के सामने लगे काले रंग के बॉक्स का बरामद कर अपने साथ ले गयी. सूत्रों के अनुसार पुलिसिया पूछताछ में पकड़े गए युवक ने अपना नाम धीरज कुमार पासवान (20 वर्ष) बताया है. जो तेतुलमारी थाना क्षेत्र के सोनारबस्ती का निवासी है. इस संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है.
एटीएम में दो माह से नहीं है सुरक्षा गार्ड
स्थानीय लोगों के अनुसार, एटीएम में करीब दो माह से सुरक्षा गार्ड नहीं है. इसका फायदा उठा आरोपी निकासी स्लॉट पर बॉक्स या टेप लगाकर पैसे फंसा देता था. ऐसे में ग्राहक मशीन को खराब समझकर लौट जाते और बाद में आरोपी फंसे हुए पैसे निकाल लेता था. इस तरह की ठगी को ””कैश ट्रैपिंग”” कहा जाता है, जिसमें नकदी निकलाने वाले स्लॉट को कृत्रिम रूप से रोक दिया जाता है और बाद में ठग पैसे निकाल लेते हैं.
