Dhanbad News : डीएचएफएल मामले में तत्कालीन आयुक्त पर मेजर पेनाल्टी की कार्रवाई शुरू

सीएमपीएफओ : कोयला व खान राज्य मंत्री ने सांसद श्याम कुमार दौलत बर्वे के सवाल के जवाब में पत्र लिखकर दी जानकारी

कोयला व खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने लोकसभा में उठाये गये एक मामले में कहा है कि डीएचएफएल मामले में सीएमपीएफ के तत्कालीन आयुक्त के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही और केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की सलाह के अनुसार मेजर पेनाल्टी (गंभीर सजा) की कार्रवाई आरंभ की गयी है. गौरतलब हो कि सांसद श्याम कुमार दौलत बर्वे ने 19 मार्च को लोकसभा में शून्य काल के दौरान सीएमपीएफओ द्वारा डीएचएफएल में निवेश राशि डूबने की जांच व दोषियों की सजा की मांग की थी. कोयला राज्य मंत्री श्री दुबे ने 23 अप्रैल को पत्र लिखकर इस मामले में जानकारी दी. इसमें मंत्री ने बताया कि सीएमपीएफ के फंड मैनेजर्स ने डीएचएफएल में 1390.25 करोड़ का निवेश किया था. इसमें से 315.35 करोड़ का नुकसान हुआ. इस मामले में जांच की गयी और पाया गया कि सीएमपीएफओ के अधिकारियों ने समय पर अर्ली रिडेम्पशन का विकल्प नहीं चुना. इससे नुकसान हुआ.

उठाये गये है सुधारात्मक कदम :

मंत्री श्री दुबे ने बताया है कि इस दिशा में कोयला मंत्रालय ने कई सुधारात्मक कदम भी उठाये हैं. इनमें सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश की सीमा 50% से बढ़ाकर 60% कर दी गयी है. जबकि कॉर्पोरेट बॉन्ड्स में निवेश की सीमा 20% पर सीमित कर दी गयी है. वहीं निवेश उप-समिति को त्वरित निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया है. इसके अलावा ‘एक्ज़िट पॉलिसी’ को इपीएफओ की नीति के अनुरूप बनाया गया है, ताकि घटती रेटिंग वाले निवेश से समय रहते निकासी हो सके. साथ ही निवेश की निगरानी के लिए एक तीसरे पक्ष की एजेंसी को नियुक्त किया गया है.

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Published by: Narendra kumar singh

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