Dhanbad News: कोयला खदान भविष्य निधि कानून में बड़ा बदलाव

Dhanbad News: अब उल्लंघन पर जुर्माना 50 हजार रुपये तक

Dhanbad News: संवाददाता, धनबाद. केंद्र सरकार ने कोयला खदान भविष्य निधि तथा विविध उपबंध अधिनियम, 1948 के तहत दंड प्रावधानों में बड़ा संशोधन किया है. नये प्रावधानों के तहत अब नियमों के उल्लंघन पर लगने वाला जुर्माना कई गुना बढ़ा दिया गया है. किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर अब न्यूनतम पांच हजार रुपये से लेकर अधिकतम 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जायेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम कोयला क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है. अब पहले की तुलना में छोटी सजा के बजाय कड़े आर्थिक दंड का प्रावधान लागू किया गया है, जिससे कंपनियों और ठेकेदारों पर नियमों का पालन करने का दबाव बढ़ेगा.

पहले क्या था प्रावधान :

पुराने कानून के अनुसार, किसी भी व्यक्ति द्वारा अधिनियम या उसके तहत बनाये गये किसी योजना का उल्लंघन करने पर अधिकतम छह महीने की सजा या 1000 रुपये तक जुर्माना या दोनों का प्रावधान था. बार-बार उल्लंघन करने पर सजा एक साल तक और जुर्माना 2000 रुपये तक हो सकता था.

लगातार उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई :

यदि कोई व्यक्ति लगातार नियमों का उल्लंघन करता है तो उस पर प्रतिदिन 10,000 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जायेगा. यह जुर्माना अधिकतम 10 लाख रुपये तक पहुंच सकता है. इससे नियमों के पालन को लेकर सख्ती साफ दिखायी देती है.

नया प्रावधान : दंड निर्धारण और अपील

सरकार ने धारा 9ए के तहत दंड निर्धारण के लिए एक अधिकारी नियुक्त करने का प्रावधान किया है, जो जांच कर जुर्माना तय करेगा. साथ ही, प्रभावित व्यक्ति को सुनवाई का पूरा अवसर दिया जायेगा. धारा 9बी के तहत अपील की व्यवस्था भी की गयी है, जिसमें संबंधित व्यक्ति 30 दिनों के भीतर उच्च अधिकारी के पास अपील कर सकता है.

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By MANOJ KUMAR

MANOJ KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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