पुटकी-बलिहारी व केंदुआडीह क्षेत्र स्थित गैस प्रभावित इलाके में रहना खतरे से खाली नहीं है. इलाके में दरार पड़ने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. ऐसे में कभी भी अनहोनी हो सकती है. लोग गैस प्रभावित क्षेत्र को छोड़ सुरक्षित स्थान पर रहें. उक्त बातें गुरुवार की शाम बीसीसीएल पीबी एरिया की ओर से गुरुवार शाम केंदुआडीह दुर्गा मंदिर के समक्ष आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में पुटकी बलिहारी जीएम जीसी साहा ने कही. इसके लिए उन्होंने यहां गैस रिसाव के निवारण को लेकर लगाये गये आइआइटी आइएसएम, सिंफर, सीएमपीडीआई, पीएमआरसी के वैज्ञानिकों की रिपोर्ट का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि पुटकी-बलिहारी क्षेत्र का सर्वे कर जेएमपी ने 26 हाई रिस्क साइट की घोषणा की है. इसमें गैस प्रभावित केंदुआ राजपूत बस्ती, केंदुआडीह नया धौड़ा ,ओल्ड जीएम बांग्ला,केंदुआडीह राजपूत बस्ती इमाम बाड़ा आदि इलाके शामिल हैं.
बढ़ रही कार्बन मोनो ऑक्साइड की मात्रा
वहीं पीएमआरसी के चीफ वैज्ञानिक एन सहाय ने कहा कि इन दिनों मौसम बदलने से खतरा बढ़ गया है. बारिश व लोगों के घरों का पानी जमीन के अंदर जाने पर कार्बन मोनो ऑक्साइड की मात्रा बढ़ रही है. हाइड्रोजन गैस भी बढ़ गया है. पिछले दो माह से लगातार आकलन के बाद यह हालात देखे जा रहे हैं. लोग बारूद के ढेर पर बैठे हैं. ऐसे में सावधान रहें. बारिश होने या गैस बढ़ने पर घरों में न रहे. क्षेत्र में दरारें पड़ने से भू धंसान से इनकार नहीं किया जा सकता है. कार्यक्रम में पुटकी सीओ विकास आनंद, केंदुआडीह थाना प्रभारी प्रमोद पांडेय, गैस रिसाव रोकने में जुटी आइआइटी आइएसएम, पीएमआरसी, सीएमपीडीआई, सिंफर के वैज्ञानिक, पुटकी बलिहारी एरिया जीएम जीसी साहा, एरिया एचआर हेड अभिषेक राय आदि शामिल थे.
स्थिति से लोगों को अवगत कराने के लिए किया गया जनसंवाद
पुटकी सीओ विकास आनंद ने कहा गैस प्रभावित क्षेत्र में वैज्ञानिक के काफी दिनों तक कार्य करने के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं है. इससे अवगत कराने के लिए बीसीसीएल की ओर से यह जनसंवाद आयोजित किया गया. बीसीसीएल को लगातार मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया है. इस दौरान प्रभावित लोगों से भी सुझाव मांगे गये, ताकि समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके. वहीं पीबी एरिया जीएम जीसी साहा ने प्रावधान के तहत प्रभावित लोगों के पुनर्वास को लेकर दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी दी. कहा कि एलटीएच (रैयत) ननएलटीएच (गैर रैयत) परिवारों के लिए अलग-अलग योजनाएं हैं. गैर रैयत को जरेडा की ओर से बेलगड़िया टाउनशिप/न्यू झरिया टाउनशिप में शिफ्ट किया जाना है.
लोगों को एकमुश्त राशि दें और भूली में बसायें
कार्यक्रम में गैस प्रभावित क्षेत्र निवासी अनीता देवी ने कहा कि गैस से लोगों को निजात दिलाने के लिए प्रबंधन ने लाखों रुपये खर्च कर दिये. सिर्फ जनसंवाद करने से समाधान नहीं निकलेगा. अधिकारियों को गैस प्रभावित लोगों के हित को ध्यान में रख समाधान निकालना चाहिए. प्रबंधन एक मुश्त राशि, भूली में बसाने या क्वार्टर लिखित रूप से लोगों की सुविधानुसार दे. इस पर अधिकारियों ने गैस प्रभावित लोगों से अपने सुझाव गोपालीचक पीओ कार्यालय में जमा करने का आग्रह किया है, ताकि समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके. वहीं राजपूत बस्ती के सदानंद बोस ने रैयतों को मुआवजा देकर जल्द शिफ्ट कराने की मांग की. बैठक में एरिया सिक्योरिटी ऑफिसर अखिलेश सिंह, जेएमपी के नोडल ऑफिसर रविंद्र सेठी, नोडल भू संपदा प्रमोद कुमार, जरेडा के एचआर प्रबंधक बीडी सिंह, गोपालीचक कोलियरी पीओ एन राय, स्थानीय लोगों में पार्षद प्रतिनिधि गोविंद राउत, दीनानाथ ठाकुर, मोनू पाठक, बिरजू साव, अनिल वर्मा, मो जाहिद, मो अमीर अंसारी, दीनानाथ सिंह, मो शब्बीर अंसारी, ममता देवी, लक्ष्मी देवी, मंजू देवी, निर्मला देवी, नीतू सिंह समेत अनेक लोग उपस्थित थे.
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