भाजपा के प्रदेश महामंत्री सह पूर्व मंत्री अमर बाउरी ने छात्रों के आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करना दुर्भाग्यपूर्ण है. सरकार को छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए. उन्होंने जेपीएससी और जेएसएससी नियुक्ति परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की सीबीआइ जांच कराने की मांग भी दोहरायी.
भाजपा कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस
अमर बाउरी ने शनिवार को भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि 21 अगस्त को छात्रों के साथ हुई घटना से पूरे झारखंड में गलत संदेश गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि झामुमो अध्यक्ष के निर्देश पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने छात्रों के आंदोलन को दबाने का प्रयास किया. उन्होंने राज्य सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने और झारखंड में जंगलराज कायम करने का आरोप लगाया.
छात्रों को आपस में लड़ाने का लगाया आरोप
अमर बाउरी ने कहा कि वर्तमान गठबंधन सरकार लंबे समय से सत्ता में है, लेकिन युवाओं को रोजगार देने के मामले में उसका प्रदर्शन निराशाजनक रहा है. आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए भाजपा पर आरोप लगा रही है. उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन किसी राजनीतिक दल का आंदोलन नहीं था. सरकार को छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.
जेपीएससी-जेएसएससी की सीबीआइ जांच की मांग
भाजपा नेता ने जेपीएससी और जेएसएससी की नियुक्ति परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की सीबीआइ जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि जेपीएससी संवैधानिक संस्था है और उसके पदाधिकारियों की नियुक्ति सरकार करती है. ऐसे में नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों की निष्पक्ष जांच जरूरी है. उन्होंने कहा कि छात्रों को न्याय मिलने तक भाजपा उनके साथ खड़ी रहेगी.
प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा जिलाध्यक्ष श्रवण राय, महामंत्री मानस प्रसून, रूपेश सिन्हा, महेश पासवान, मौसम सिंह और रिंकू सिंह मौजूद थे.
