झारखंड में SIR की स्थिति: डिजिटाइजेशन में पिछड़ी रांची, पाकुड़ ने मारी बाजी

झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान अंतिम चरण में है. जहाँ पाकुड़ ने डिजिटाइजेशन में बाजी मारी है, वहीं राजधानी रांची पिछड़ गई है. जानें प्रदेश की पूरी स्थिति.

SIR In Jharkhand: झारखंड राज्य में 30 जून से चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत गणना प्रपत्र (इएफ) वितरण और डिजिटाइजेशन अभियान अंतिम चरण में है. इसके समाप्त होने में अब केवल आठ दिन शेष हैं. बुधवार के आंकड़ों के अनुसार राज्य के 2,64,63,236 मतदाताओं में से 2,60,67,739 मतदाताओं तक इएफ का वितरण किया जा चुका है, जो 98.51 प्रतिशत है. लेकिन डिजिटाइजेशन की गति अभी लक्ष्य से पीछे है. अब तक केवल 1,99,72,689 इएफ का डिजिटाइजेशन हुआ है, जो कुल मतदाताओं का 75.47 प्रतिशत है. 

अंतिम आठ दिनों में डिजिटाइजेशन पूरा करने की चुनौती

राज्यभर में तैनात 29,571 बूथ स्तरीय पदाधिकारी (बीएलओ) अब अंतिम आठ दिनों में शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करने में जुटे हैं. बीएलओ घर-घर जाकर भरे हुए इएफ प्रपत्र एकत्र कर रहे हैं और सत्यापन कर रहे हैं. इएफ ऑनलाइन अपलोड करने का कार्य तेजी से चल रहा है. समय सीमा नजदीक होने के कारण सभी जिलों में अभियान की गति बढ़ा दी गयी है.

फॉर्म जमा नहीं होने से धीमी हुई प्रगति 

चुनाव कार्य से जुड़े अधिकारियों के अनुसार अधिकांश क्षेत्रों में इएफ का वितरण लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन बड़ी संख्या में मतदाताओं द्वारा भरे हुए फॉर्म समय पर वापस जमा नहीं करने से डिजिटाइजेशन प्रभावित हुआ है. कई स्थानों पर बीएलओ को एक ही परिवार के पास कई बार जाना पड़ रहा है, जिससे कार्य की गति धीमी हुई है.

जिलावार आंकड़े

क्रमजिलामतदाताईएफ वितरणडिजिटाइजेशन
1पाकुड़3,93,08898.48%86.54%
2कोडरमा3,98,46299.97%85.22%
3लोहरदगा2,93,871100.00%84.31%
4सिमडेगा2,46,88399.99%82.72%
5दुमका9,68,22899.51%82.20%
6लातेहार5,60,655100.00%81.40%
7सरायकेला-खरसावां8,92,189100.00%80.69%
8पश्चिमी सिंहभूम10,84,238100.00%80.64%
9चतरा7,96,599100.00%80.63%
10पलामू17,64,94799.95%80.16%
11गढ़वा8,62,092100.00%79.10%
12रामगढ़7,55,45599.99%78.32%
13गुमला8,07,61899.99%77.88%
14हजारीबाग16,32,16898.75%77.20%
15जामताड़ा5,70,63399.99%77.03%
16साहिबगंज8,50,57498.72%76.49%
17गिरिडीह21,12,57099.64%76.31%
18खूंटी4,30,45399.98%75.77%
19गोड्डा9,65,46599.78%75.58%
20देवघर11,33,04099.99%75.08%
21बोकारो15,35,26781.98%70.33%
22धनबाद21,15,99795.83%70.25%
23पूर्वी सिंहभूम19,07,24499.97%67.76%
24रांची26,74,68194.29%66.64%

नोट- (आंकड़े 22 जुलाई शाम छह बजे तक के)

पाकुड़ ने किया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

डिजिटाइजेशन प्रतिशत के आधार पर पाकुड़ राज्य में पहले स्थान पर है. जिले में 86.54 प्रतिशत प्रतिशत इएफ का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है, इसके बाद कोडेरमा (85.22 प्रतिशत) व लोहरदगा (84.31 प्रतिशत) दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं. इन जिलों ने निर्धारित अवधि में सबसे तेज प्रगति दर्ज की है. राजधानी रांची इस अभियान में सबसे पीछे चल रही है. जिले में 26,74,681 मतदाताओं में से 94.29 प्रतिशत को इएफ वितरित किये गये लेकिन केवल 66.64 प्रपत्रों का ही डिजिटाइजेशन हो सका है, जो राज्य में सबसे कम है. वहीं धनबाद में 21,15,997 मतदाताओं में से 95.83 प्रतिशत इएफ वितरित हुए व मात्र 70.25 प्रतिशत प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन हुआ. इसी के साथ धनबाद राज्य में 22वें स्थान पर है.

पूर्वी सिंहभूम भी पिछड़े जिलों में शामिल

राज्य के कमजोर प्रदर्शन करने वाले जिलों में पूर्वी सिंहभूम भी शामिल है. यहां डिजिटाइजेशन प्रतिशत 67.76 प्रतिशत दर्ज किया गया, जिससे यह जिला 23वें स्थान पर है. इस प्रकार सबसे निचले तीन जिलों में रांची, पूर्वी सिंहभूम और धनबाद शामिल है, जहां अंतिम दिनों में विशेष प्रयास की आवश्यकता है.

अधिकांश जिलों ने पार किया 75 प्रतिशत का आंकड़ा

राज्य के कई जिलों ने डिजिटाइजेशन में उल्लेखनीय प्रगति की है. दुमका, लोहरदगा, पलामू, देवघर, गढ़वा, रामगढ़, लातेहार और हजारीबाग जैसे जिलों ने 80 प्रतिशत के आसपास या उससे अधिक डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया है. इससे स्पष्ट है कि जिन जिलों में फॉर्म समय पर जमा हुए, वहां ऑनलाइन अपलोडिंग का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ा.

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Author: Shobhit ranjan

Published by: Sweta Vaidya

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