Dhanbad News : झरिया अंचल में बीआरसी भवन की स्थिति बेहद जर्जर हो चुकी है. इसकी छत कभी भी गिर सकती है, जिससे वहां कार्यरत कर्मियों और अधिकारियों में हादसे की आशंका हमेशा बनी रहती है. 2005 में आठ लाखों की लागत से भवन बना था. पूर्व के दोनों बीइइओ झरिया वन एवं झरिया टू के कार्यालय में ताला बंद हैं. ये दोनों बीइइओ बीआरसी भवन में ही बैठ कर कार्य करतीं थीं. आज वर्तमान बीइइओ रीना कुमारी पदस्थापित हैं. भवन मरम्मत को लेकर छह साल से विभागीय स्तर तक पत्राचार किया जा चुका है. लेकिन, भवन निर्माण के लिए कोई पहल नहीं हो पायी है. एक बार छत का प्लास्टर गिरने से पूर्व की बीइइओ बाल-बाल बची थी.
डीएमएफटी फंड से निर्माण की मिली है स्वीकृति, लेकिन पहल नहीं
इस संबंध शिक्षा विभाग के जेइ विनय कुमार का कहना है कि डीएमएफटी फंड से झरिया बीआरसी भवन का निर्माण होना है, जिसमें झरिया वन व झरिया टू के प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी का ऑफिस है, इसके अलावा बीपीओ ऑफिस, सभागार और गोदाम शामिल हैं. इधर बीइइओ रीना कुमारी का कहना है कि डीएमएफटी फंड से निर्माण होना है. लेकिन कब निर्माण कार्य शुरू होगा. अभी कहा नहीं जा सकता है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
