झरिया क्षेत्र के लिलोरी पथरा बस्ती में बारिश के बाद भू-धंसान का खतरा बढ़ गया है. बस्ती में कई जगह जमीन धंसने और घरों के आसपास गोफ बनने की स्थिति सामने आने से लोगों में भय का माहौल है. इसे लेकर जनता मजदूर संघ, कुजामा कोलियरी के शाखा सचिव प्रीतम रवानी ने एरिया-10 के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर मामले से अवगत कराया है.
पत्र के माध्यम से उन्होंने बताया कि लगातार बारिश के कारण लिलोरी पथरा बस्ती में भू-धंसान की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. कई घरों में गोफ बनने लगे हैं, जिससे वहां रहने वाले परिवारों की जान-माल पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है. संभावित दुर्घटना को देखते हुए प्रभावित परिवारों को जल्द सुरक्षित स्थान पर बसाने की मांग की गयी है.
200 परिवार ERS सर्वे से वंचित
जनता मजदूर संघ के अनुसार, बीसीसीएल की ओर से वर्तमान में ईआरएस (ERS) सर्वे का कार्य कराया जा रहा है. हालांकि लिलोरी पथरा बस्ती के करीब 200 परिवार अभी भी सर्वे और विस्थापन की प्रक्रिया से वंचित है.
संघ का कहना है कि सर्वे और विस्थापन की प्रक्रिया में शामिल नहीं होने के कारण इन परिवारों में असुरक्षा की भावना बनी हुई है. बारिश के मौसम में भू-धंसान का खतरा और बढ़ने से लोगों की चिंता भी बढ़ गयी है.
बैलगड़िया टाउनशिप में क्वार्टर देने की मांग
जनता मजदूर संघ ने बीसीसीएल प्रबंधन से मांग की है कि लिलोरी पथरा बस्ती के सभी वंचित परिवारों का जल्द से जल्द ईआरएस सर्वे कराया जाए. इसके बाद जेआरडीए के तहत विस्थापन की प्रक्रिया शुरू की जाए.
संघ ने प्रभावित परिवारों को बैलगड़िया टाउनशिप में क्वार्टर आवंटित कर सुरक्षित स्थान पर बसाने की भी मांग की है. संगठन का कहना है कि समय रहते आवश्यक कदम उठाये जाने से किसी संभावित दुर्घटना को टाला जा सकता है.
बारिश के बीच बस्ती में भू-धंसान की स्थिति को लेकर अब प्रभावित परिवारों की नजर बीसीसीएल प्रबंधन की कार्रवाई पर टिकी है.
