बरवाअड्डा थाना परिसर में विधायक जयराम महतो और उनके समर्थकों के साथ बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी और उनके समर्थकों के बीच हुई झड़प के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है. थाना प्रभारी रवि कुमार की शिकायत पर दर्ज मामले में डुमरी विधायक जयराम महतो समेत 10 नामजद और 40-50 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है.
10 नामजद और 40-50 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया
नामजद आरोपियों में जयराम महतो के अलावा जिप प्रतिनिधि सह जेएलकेएम नेता दिलीप चौधरी, प्रवक्ता सुशील मंडल, महेंद्र साव, राजकुमार मंडल, जीतेंद्र हजारी, अजय दास, गोलक महतो, रंजीत कुमार और राजेश महतो शामिल हैं. पुलिस ने इनके खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने समेत अन्य आरोपों में मामला दर्ज किया है.
थाना प्रभारी रवि कुमार की शिकायत के अनुसार, दिलीप चौधरी ने सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण कर पुलिस हिरासत में लिये गये आरोपी गणेश दास की पुलिस द्वारा पिटाई किये जाने की बात कही. पुलिस का आरोप है कि इससे लोगों के बीच अफवाह फैली और बड़ी संख्या में लोग बरवाअड्डा थाना पहुंच गये.
शिकायत में कहा गया है कि भीड़ थाना परिसर के अंदर पहुंच गयी और हंगामा किया. इस दौरान थाना हाजत में बंद आरोपी गणेश दास तक भी लोग पहुंच गये. पुलिस के अनुसार, इससे थाना में सरकारी कार्य प्रभावित हुआ.
थाना प्रभारी रवि कुमार ने बताया कि घटना से जुड़े CCTV फुटेज की जांच की जा रही है. जांच और पड़ताल के आधार पर इस मामले में अन्य लोगों के नाम भी जोड़े जा सकते हैं.
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी ने गांव के गणेश दास पर कथित रूप से उनके फर्जी हस्ताक्षर और मुहर का इस्तेमाल कर जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र और वंशावली तैयार कराने का आरोप लगाया था. इस मामले में बरवाअड्डा थाना में पहले प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. पुलिस ने गणेश दास को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी.
गणेश दास को हिरासत में लिये जाने की सूचना के बाद डुमरी विधायक जयराम महतो अपने समर्थकों के साथ बरवाअड्डा थाना पहुंचे थे. विधायक पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया था कि पुलिस ने गणेश दास के साथ मारपीट की है. इसी दौरान मुखिया यशोदा देवी के समर्थक भी थाना परिसर पहुंच गये. दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद कहासुनी हुई और मामला धक्का-मुक्की तथा मारपीट तक पहुंच गया.
घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से पुलिस में शिकायत दी गयी थी. जानकारी के अनुसार, मुखिया पक्ष की शिकायत पर भी विधायक जयराम महतो और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. वहीं विधायक की ओर से भी मुखिया पक्ष के लोगों पर मारपीट और छिनतई के आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.
अब थाना प्रभारी की शिकायत पर दर्ज सरकारी काम में बाधा डालने के मामले ने विवाद को और गंभीर बना दिया है. पुलिस CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है. जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि थाना परिसर में हुई घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और किन लोगों की भूमिका के आधार पर उनके नाम प्राथमिकी में जोड़े जाते हैं.
