धनबाद. आइआइटी आइएसएम धनबाद में सतत विकास, नवाचार एवं व्यवसाय में प्रगति विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आइसी एडीआइबी 2026 का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ. दीप प्रज्वलन और मंगलाचरण गीत के साथ शुरू हुए सम्मेलन में सतत विकास, नवाचार और व्यवसाय के क्षेत्र में नये विचारों, शोध और आपसी सहयोग को लेकर चर्चा हुई.
उद्घाटन सत्र में सम्मेलन के संयोजक प्रो. हिमांशु गुप्ता ने स्वागत संबोधन दिया. डीन सीएंडओ प्रो. केका ओझा और प्रबंधन अध्ययन एवं औद्योगिक अभियांत्रिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. संदीप मंडल ने भी अपने विचार रखे.
सतत विकास की चर्चा आंकड़ों के बिना अधूरी
दक्षिण अफ्रीका के विट्स विश्वविद्यालय, जोहान्सबर्ग के प्रो. मोइनक मैती ने सतत विकास में आंकड़ों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि सूचना और इंटरनेट के दौर में सतत विकास की चर्चा आंकड़ों के बिना पूरी नहीं हो सकती. उन्होंने तथ्य आधारित निर्णय लेने और सतत विकास की दिशा में आंकड़ों के महत्व पर जोर दिया.
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ऑस्ट्रेलिया के यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड के प्रो. तपन कुमार सरकार ने समकालीन चुनौतियों के समाधान के लिए अंतर्विषयक दृष्टिकोण को जरूरी बताया. उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के ज्ञान और दृष्टिकोण को जोड़कर ही सार्थक और सतत समाधान विकसित किये जा सकते हैं.
सम्मेलन पुस्तिका का किया गया विमोचन
उद्घाटन सत्र के बाद अतिथियों ने सम्मेलन पुस्तिका का विमोचन किया. सह-संयोजक प्रो. शशांक बंसल ने धन्यवाद ज्ञापन किया.
सम्मेलन का उद्देश्य शिक्षाविदों, उद्योग जगत और शोधकर्ताओं को एक मंच पर लाकर सतत विकास, जिम्मेदार व्यवसाय और नवाचार आधारित भविष्य के लिए नये रास्तों की तलाश करना है. दो दिवसीय सम्मेलन में इन क्षेत्रों से जुड़े विचारों, शोध और संभावनाओं पर चर्चा जारी रहेगी.
