झरिया. चासनाला न्यू मोती नगर में पिछले दो-तीन माह से तीन घरों में लगातार बढ़ रही दरार और जमीन से गैस रिसाव की शिकायत ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. दीपक दत्ता, सावित्री देवी और सीताराम दास के घरों में दरारें पड़ गयी हैं. वहीं, आसपास जमीन से गैस निकलने की भी शिकायत सामने आयी है. मकानों की स्थिति को देखते हुए प्रभावित परिवार अपने ही घरों में रहने से डर रहे हैं.
सुरक्षा को लेकर कोई किराये के मकान में रहने को मजबूर है, तो किसी ने अपने परिजनों को मायके भेज दिया है. स्थानीय लोगों के अनुसार, समय के साथ मकानों में पड़ी दरारें बढ़ती जा रही हैं. इससे परिवारों को हर समय मकान के क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है. लोगों का कहना है कि रात के समय डर और बढ़ जाता है.
विस्थापन के बाद बसाया गया था न्यू मोती नगर
बताया जाता है कि प्रभावित परिवार पहले पुराने मोती नगर में रहते थे. विस्थापन के बाद उन्हें न्यू मोती नगर में बसाया गया था. सुरक्षित आवास मिलने की उम्मीद में परिवारों ने यहां अपने घर बनाये थे, लेकिन अब उन्हीं मकानों में दरार और गैस रिसाव की शिकायत से उनकी चिंता बढ़ गयी है.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके के नीचे जमीन में आग लगी हुई है, जिसके कारण गैस का रिसाव हो रहा है. हालांकि, जमीन के नीचे आग होने या गैस रिसाव के कारणों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए तकनीकी जांच जरूरी है.
सेल जीएम और विधायक को दी जानकारी
प्रभावित परिवारों ने चासनाला सेल के महाप्रबंधक से मामले की शिकायत की है. झरिया विधायक को भी समस्या से अवगत कराया गया है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक प्रभावित मकानों और जमीन की तकनीकी जांच को लेकर ठोस पहल नहीं की गयी है.
परिवारों ने सेल प्रबंधन से मांग की है कि तत्काल विशेषज्ञों की टीम भेजकर प्रभावित मकानों की संरचनात्मक जांच करायी जाये. साथ ही जमीन से गैस निकलने की शिकायत की भी तकनीकी जांच हो, ताकि यह पता चल सके कि गैस का स्रोत क्या है और प्रभावित मकानों में रहना सुरक्षित है या नहीं.
बड़े हादसे से पहले सुरक्षा उपाय करने की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या को केवल तीन घरों तक सीमित मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. यदि जमीन के नीचे आग या गैस रिसाव की आशंका सही पायी जाती है, तो आसपास के अन्य मकान भी प्रभावित हो सकते हैं. ऐसे में प्रशासन और सेल प्रबंधन को किसी बड़े हादसे का इंतजार किये बिना तत्काल स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा उपाय करने चाहिए.
ये भी पढ़ें: जमाडोबा प्लांट की खराबी से झरिया में जलापूर्ति बाधित, जन्माष्टमी पर पानी नहीं मिलने से भड़के व्यापारी
प्रभावित परिवारों का कहना है कि विस्थापन के बाद उन्होंने उम्मीद के साथ न्यू मोती नगर में अपना आशियाना बनाया था. अब स्थिति यह है कि उसी घर में रहने में डर लग रहा है. लोगों ने सेल प्रबंधन और जनप्रतिनिधियों से जल्द जांच कराने के साथ सुरक्षित आवास या स्थायी समाधान की मांग की है.
