प. बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर चल रहे सघन जांच अभियान के दौरान आसनसोल जीआरपी ने अंतरराज्यीय चोर गिरोह के सरगना को धर दबोचा. आरोपी के पास से करीब 2.2 किलो चांदी के जेवरात बरामद हुए हैं, जिनकी कीमत लगभग 5.5 लाख रुपये है. सरगना की गिरफ्तारी के साथ ही इस गिरोह की गतिविधियों को लेकर कई अहम खुलासे हुए हैं. गिरफ्तार अपराधी मनीलाल उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में धनपुरा इलाके का निवासी है. वह गुरुवार की देर रात साढ़े 12 बजे आसनसोल स्टेशन से कानपुर के लिए ट्रेन पकड़ने वाला था. इस दौरान जीआरपी की नजर उसपर पड़ी और संदेह होने पर उसके बैग की तलाशी ली गयी. मनीलाल के पास से 2.2 किलो चांदी के जेवरात बरामद हुए. जीआरपी को गुमराह करने के लिए उसने खुद को फेरीवाला बताया. कड़ाई से पूछताछ करने पर कबूल किया कि यह चोरी का माल है, जिसे बेचने के लिए धनबाद से इधर आया था. यहां चारों ओर पुलिस की निगरानी देख कानपुर लौटने के लिए ट्रेन पकड़ने आसनसोल स्टेशन पर आया था. जीआरपी ने आरोपित को आसनसोल की अदालत में पेश किया. जांच अधिकारी की अपील पर अदालत ने आरोपी को पांच दिनों की पुलिस रिमांड दे दी. मनीलाल ने धनबाद के गोविंदपुर बाजार में जीटी रोड पर स्थित एक ज्वेलरी शॉप में छह दिन पूर्व हुई चोरी में गिरोह की संलिप्तता स्वीकार की है.
प्रोडक्शन वारंट पर मनीलाल को गोविंदपुर लायेगी पुलिस
मनीलाल ने पूछताछ में कबूल किया कि छह दिन पूर्व गोविंदपुर इलाके में एक ज्वेलरी दुकान में चोरी हुई थी. यह काम उसके गिरोह के लोगों ने ही किया था. हालांकि वह इस चोरी में शामिल नहीं था. उसे जेवरात बेचने के लिए दिये गये थे. यह जानकारी मिलते ही आसनसोल जीआरपी ने सूचना धनबाद पुलिस से साझा की. इसके बाद गोविंदपुर थाना पुलिस ने आसनसोल में मनीलाल से पूछताछ की है. उसे प्रोडक्शन वारंट पर गोविंदपुर ले जाने की तैयारी चल रही है.
बरेली का गिरोह झारखंड व बिहार में कर रहा चोरी व लूट
प्रारंभिक पूछताछ में मनीलाल ने बताया कि वे लोग बरेली में अवैध शराब का कारोबार करते थे. पुलिस की कड़ाई के बाद धंधा बंद हो गया और इन लोगों ने चोरी व लूट का काम शुरू किया. ज्वेलरी शॉप इनके निशाने पर रहते थे. वह पिछले आठ साल से यह काम कर रहा है. इसमें एक पूरा गिरोह लगा हुआ है. वे लोग मुख्य रूप से झारखंड और बिहार में आपराधिक घटना को अंजाम देते हैं.
