Dhanbad News : उत्तर प्रदेश में वर्ष 2025 में जीएसटी हेराफेरी के कई बड़े मामले सामने आये हैं. इसे लेकर यूपी के वरीय पुलिस अधिकारियों द्वारा गठित एसआइटी ने 402 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है. फर्जी कंपनी का फर्म बनाकर इस करोड़ों रुपए के टर्नओवर के मामले में निरसा पुलिस के सहयोग से उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोमवार की रात वहां के औरैया थाना कांड संख्या 543/25 के मामले में निरसा पुलिस अनुमंडल क्षेत्र से आठ लोगों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार सभी आठ लोग अत्यंत गरीब एवं मजदूर परिवार से हैं. उन्हें पता ही नहीं कि उनके नाम पर करोड़ों का टर्नओवर किया गया है. इन आठ लोगों के नाम से फर्जी तरीके से कंपनी रजिस्ट्रेशन करवा कर जीएसटी का लेनदेन किया गया है. इस मामले का मास्टरमाइंड मैथन के मेढ़ा निवासी श्याम सुंदर पासवान फरार हो गया है. पुलिस श्यामसुंदर के अलावा निरसा क्षेत्र के और कई अन्य लोगों की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है. इधर, इन निर्दोष लोगों को पर हुई कार्रवाई को लेकर भाजपा नेता संजय महतो के नेतृत्व में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल यूपी पुलिस के अधिकारियों से मिला. यूपी पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि प्रथमदृष्टया में इन लोगों के कागजात का उपयोग करने की बात सामने आयी है. लेकिन मामला न्यायालय के अधीन है. भाजपा नेता श्री महतो ने इस मामले में औरैया के भाजपा विधायक से भी संपर्क किया है.
नौकरी के नाम पर लोगों ने श्याम सुंदर पासवान को दिया था आधार कार्ड, वोटर आइडी, फोटो व बैंक पासबुक
बताया जाता है कि मेढ़ा निवासी श्यामसुंदर पासवान का परिचय निरसा थाना क्षेत्र के भलजोड़िया रोड निवासी खैनी विक्रेता बबलू रजक से पहले से था. श्याम सुंदर एवं बबलू ने ही अन्य लोगों से कहा कि सभी लोगों को मिलकर एक समूह बनाया जा रहा है एवं सभी को तेल फैक्ट्री में काम में लगा दिया जायेगा. इसके एवज में उन लोगों से श्यामसुंदर ने कुछ पैसे भी लिये. करीब दो-तीन महीने तक जब कहीं कोई नौकरी नहीं लगी, तो उन लोगों ने श्याम सुंदर पर दबाव बनाना शुरू किया. उसके बाद श्याम सुंदर ने कहा कि जब तक नौकरी नहीं लग जाती है, तब तक आप लोगों को तीन से लेकर पांच हजार प्रति महीना आपके बैंक के खाते में जमा कर दिया जायेगा. करीब 6-8 महीने तक इन आठ लोगों के खाते में तीन से पांच हजार रुपये आये भी.
इन लोगों की हुई गिरफ्तारी
निरसा थाना क्षेत्र के भलजोड़िया निवासी बबलू रजक, बंगाल पाड़ा निवासी उमेश मालाकार, पत्थरचट्टी बंगालपाड़ा निवासी प्रदीप शर्मा, कुमारधूबी के बरडंगाल बापी केवड़ा, बंगालपाड़ा निवासी कन्हाई साव, गणेश बाउरी, अनिल शर्मा एवं भलजोड़िया रोड निवासी अजीत शर्मा शामिल हैं.
बड़े जीएसटी घोटाले की जांच पड़ताल कर रही है टीम
पांच सदस्यीय जांच टीम में शामिल सदस्यों ने बताया कि 535 में से 200 फर्में फर्जी पाये गये हैं. फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट घोटाले में कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गयी है. 2025 में यूपी में 402 करोड़ की जीएसटी हेराफेरी हुई है. राज्य कर विभाग और एसआइटी ने मुरादाबाद, औरैया क्षेत्र में फर्जी फर्मों के माध्यम से करोड़ों की कर चोरी पकड़ी है. कहा कि 535 में से 200 से अधिक फर्में पूरी तरह से बोगस (फर्जी) पाये गये हैं. उनके पास कोई भौतिक अस्तित्व, स्टॉक या ट्रांजक्शन रिकॉर्ड नहीं था.
