IIT-ISM धनबाद पहुंचे राज्यपाल: जानिए एकल अभियान के मंच से समाज के अंतिम व्यक्ति के लिए क्या दिया संदेश

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने एकल अभियान के समारोह को संबोधित करते हुए समाज के समग्र विकास के लिए शिक्षा के साथ संस्कार, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य की भावना को महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि एकल अभियान समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है.

धनबाद. राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए शिक्षा के साथ संस्कार, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य की भावना जरूरी है. आर्थिक संपन्नता के साथ परिवारों में संस्कारयुक्त शिक्षा पर भी ध्यान देना होगा. वह रविवार को आइआइटी-आइएसएम के पेनमैन हॉल में आयोजित एकल अभियान के आचार्य व व्यास सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे.

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अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास

राज्यपाल ने कहा कि एकल अभियान दूरदराज के गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार, स्वावलंबन और सामाजिक जागरण के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है. देश में छह लाख से अधिक गांव हैं और प्रत्येक गांव तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाना बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि धनबाद के लिए यह गौरव की बात है कि एकल विद्यालय की यात्रा इसी धरती से शुरू हुई. स्वर्गीय मगनलाल अग्रवाल ने ग्रामीण और वनवासी क्षेत्रों में शिक्षा की ज्योति जलाने का जो कार्य शुरू किया था, वह आज व्यापक अभियान का रूप ले चुका है.

एकल अभियान में शामिल महिला कार्यकर्ता | Prabhat Khabar Network

उन्होंने कहा कि एकल अभियान केवल बच्चों की शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवारों को स्वास्थ्य, विकास और संस्कार से जोड़ने का भी काम कर रहा है. हरिकथा, सत्संग, परिवार मंगल समेत सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को भारतीय परंपरा और जीवन मूल्यों से जोड़ने का प्रयास महत्वपूर्ण है. शिक्षा ज्ञान देती है, जबकि संस्कार उस ज्ञान का सही दिशा में उपयोग करना सिखाते हैं.

पांच विषयों पर काम करने की जरूरत

राज्यपाल ने समाज परिवर्तन के लिए स्व आधारित जीवन, परिवार प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य पर विशेष रूप से काम करने की आवश्यकता बतायी. उन्होंने समाज से ऊंच-नीच, छुआछूत और भेदभाव की भावना समाप्त करने पर जोर दिया. पर्यावरण संरक्षण के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक से बचने, जल संरक्षण और जरूरत के अनुसार पौधरोपण करने की अपील की.

उन्होंने कहा कि झारखंड की जनजातीय परंपरा, लोक संस्कृति और प्रकृति के प्रति सम्मान राज्य की विशिष्ट पहचान है. आर्थिक विकास के साथ सांस्कृतिक परंपराओं और जीवन मूल्यों का संरक्षण भी जरूरी है. समाज का निर्माण केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से होता है.

आचार्यों और कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित

कार्यक्रम को एकल अभियान के राष्ट्रीय प्रमुख लल्लन शर्मा और आइआइटी-आइएसएम के निदेशक प्रो सुकुमार मिश्रा ने भी संबोधित किया. समारोह में एकल विद्यालयों के आचार्यों, व्यासों और अभियान से जुड़े समर्पित कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया. राज्यपाल ने सम्मानित लोगों को बधाई देते हुए कहा कि धनबाद से शुरू हुई यह सेवा यात्रा देश के अधिक से अधिक गांवों तक शिक्षा, संस्कार और जागरूकता का प्रकाश पहुंचाती रहे.

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लेखक के बारे में

By अशोक कुमार

आशीष कुमार प्रिंट माध्यम में 16 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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