धनबाद के चर्चित कोयला कारोबारी एलबी सिंह की पत्नी आरती सिंह से सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में पूछताछ की गयी. कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने उनसे कोयला कारोबार के वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों से जुड़े मामलों में सवाल-जवाब किये. पूछताछ के दौरान आरती सिंह ने कहा कि उनके पति का कोई अवैध धंधा नहीं है.
ED ने पूछताछ के लिए दो बार जारी किया था समन
आरती सिंह को ED ने पूछताछ के लिए दो बार समन जारी किया था. पहला समन 20 अगस्त को जारी कर उन्हें निर्धारित तारीख पर पेश होने का निर्देश दिया गया था. हालांकि, वह तय तारीख पर ED के समक्ष उपस्थित नहीं हुईं और 10 दिनों का अतिरिक्त समय मांगा. इसके बाद ED ने दूसरा समन जारी कर 27 अगस्त को हाजिर होने का निर्देश दिया. इसी समन के आलोक में सोमवार को आरती सिंह रांची स्थित ED कार्यालय पहुंचीं, जहां उनसे पूछताछ की गयी.
जुलाई में एलबी सिंह के 31 ठिकानों पर हुई थी छापेमारी
यह मामला एलबी सिंह, हरेंद्र चौहान और उनके सहयोगियों के खिलाफ झारखंड पुलिस में दर्ज विभिन्न एफआईआर के आधार पर ED द्वारा दर्ज ईसीआईआर से जुड़ा है. इसकी जांच धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की जा रही है.
ED ने 28 जुलाई को धनबाद में एलबी सिंह से जुड़े 31 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी. कार्रवाई के दौरान करीब 160 करोड़ रुपये के निवेश को फ्रीज किया गया था, जबकि 1.02 करोड़ रुपये नकद जब्त किये गये थे.
अवैध कोयला खनन और टेंडर में गड़बड़ी की जांच
जांच के दौरान ED को कथित अवैध कोयला खनन और बीसीसीएल के टेंडरों में गड़बड़ी से अर्जित रकम को विभिन्न स्तरों पर घुमाकर वैध दिखाने तथा उससे चल-अचल संपत्तियां खरीदने से जुड़े साक्ष्य मिलने की बात कही गयी है.
मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ ED ने एलबी सिंह के अन्य करीबियों और परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ का निर्णय लिया है. इसी क्रम में उनके भाई विश्वविजय सिंह और साले रंजीत कुमार सिंह को भी समन जारी किया गया था. दोनों निर्धारित तारीख पर ED के समक्ष पेश नहीं हुए. दोनों ने पत्र भेजकर पूछताछ के लिए अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया है.
