महुदा. भीषण गर्मी में महुदा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में पानी के लिए हाहाकार मच गया है. क्षेत्र के सभी गांवों के तालाब व जोरिया पूरी तरह सूख चुके हैं. कुंआ, चापकलों ने भी दम तोड़ दिया है. ऐसे में पीने का पानी की व्यवस्था तो किसी तरह लोग इधर-उधर से कर ले रहे हैं, परंतु नहाने-धोने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सबसे अधिक परेशानी व तकलीफ तो मवेशियों व अन्य जानवरों को हो रहा है. तेतुलिया के महिला, पुरुषों व बच्चों को तीन किलोमीटर चलकर नहाने-धोने के लिए दामोदर नदी जाना पड़ता है. हाथूडीह पंचायत के कुमारडीह गांव के सभी तालाब सूख चुके हैं. वहां पेयजल विभाग का सप्लाई पानी की व्यवस्था तो है परंतु आज तक कभी भी सही ढंग से पानी नहीं मिला. किसी दिन 10 मिनट चला तो दो दिन बंद हो गया. ऐसे में गांव के लोग दो चापाकल के भरोसे हैं. हाथूडीह व कचर्रा में भी तालाब सुख जाने के कारण नहाने-धोने की काफी दिक्कत है. तारगा पंचायत के भुरूंगिया, मुचिराइहीह की हालत भी गंभीर है. पूरे क्षेत्र का लाइफलाइन दामोदर नदी व सैकड़ों पानी से भरे बंद कोयले की खदान रहने के बावजूद व्यवस्था के अभाव में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है.
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