झारखंड ग्रामीण विकास ट्रस्ट एवं जस्ट राईट फॉर चिल्ड्रेन के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज, महूदा में डिजिटल हिंसा, बाल विवाह एवं बाल तस्करी की रोकथाम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में विद्यालय के करीब 200 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया. इस दौरान विशेषज्ञों ने बच्चों को डिजिटल दुनिया के बढ़ते जोखिमों के प्रति सतर्क रहने और बाल विवाह व बाल तस्करी जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया.
सोशल मीडिया के इस्तेमाल में बरतें सावधानी
कार्यक्रम के दौरान बेबी प्रियंका ने छात्रों को डिजिटल हिंसा के विभिन्न रूपों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों का बढ़ता इस्तेमाल बच्चों के लिए अवसरों के साथ कई तरह के जोखिम भी लेकर आया है. सोशल मीडिया, ऑनलाइन चैट, फर्जी प्रोफाइल, निजी तस्वीरों एवं व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग तथा ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग जैसी घटनाओं से बच्चों को सतर्क रहने की जरूरत है. उन्होंने विद्यार्थियों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी अभिभावकों या संबंधित जिम्मेदार लोगों को देने की अपील की.
बाल विवाह के दुष्परिणामों की दी जानकारी
नैमुद्दीन अंसारी ने बाल विवाह के दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने बताया कि कम उम्र में विवाह से बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. उन्होंने छात्रों से बाल विवाह के खिलाफ अपने परिवार और समाज में जागरूकता फैलाने की अपील की.
बाल तस्करी से बचाव के उपायों पर चर्चा
कार्यक्रम में बाल तस्करी के बढ़ते खतरे और इससे बच्चों को बचाने के उपायों पर भी चर्चा की गयी. बच्चों को अनजान लोगों के झांसे में नहीं आने, संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत परिवार, शिक्षक या संबंधित अधिकारियों को देने के लिए जागरूक किया गया.
बाल विवाह मुक्त भारत का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने बाल विवाह मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया. मौके पर शिक्षक एस हुसैन, एस कुमार, पीसी रवानी, राहुल राय, डीपी साव, एसएन पांडेय, करुणा कुमारी, कार्तिक कुमार महतो, राहुल कुमार ठाकुर, राजू कुमार महतो, विनोद कुमार रवानी, पिंकी कुमारी, पंकज कुमार सिंह, रोहित देशवाली, जनार्दन पाठक एवं कुंदन कुमार राय समेत अन्य मौजूद थे.
