आइआइटी आइएसएम में सोमवार को इंवेंटिव 2026 का उद्घाटन मुख्य अतिथि राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया. कार्यक्रम में देशभर के 15 से अधिक आइआइटी, एनआइटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के निदेशक हिस्सा ले रहे हैं. विशिष्ट अतिथियों में नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के सीइओ डॉ सुनील के बर्नवाल, जुवारी इंडस्ट्रीज के एमडी अथर शाहाब, रिन्यू फाउंडेशन की सह-संस्थापक वैशाली निगम सिन्हा, टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट संदीप कुमार, कायनेस सेमीकॉन प्रा. लि. के रघु पानिकर समेत कई प्रमुख हस्तियां इसमें शामिल हुए. सभी वक्ताओं ने इनोवेशन-ड्रिवन ग्रोथ, सस्टेनेबिलिटी और एकेडेमिया-इंडस्ट्री कोलेबोरेशन के महत्व पर जोर दिया. कार्यक्रम में 15 से अधिक आइआइटी व एनआइटी के निदेशकों के साथ जुटे देश-विदेश के विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं. यह आयोजन शिक्षा मंत्रालय के तहत एक प्रमुख आरएंडडी मेले के रूप में किया जा रहा है. इसका उद्देश्य लैब में विकसित तकनीकों को वास्तविक जीवन में लागू करने योग्य बनाना है. कार्यक्रम में 150 से अधिक इनोवेशन और 40 स्टार्टअप्स अपनी तकनीक का प्रदर्शन करेंगे.
डिजिटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के सीइओ डॉ सुनील कुमार वर्णवाल ने अपने संबोधन में कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत देश में मजबूत डिजिटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है. इससे स्वास्थ्य सेवाएं आपस में जुड़ रही हैं और मोबाइल के माध्यम से सभी हेल्थकेयर प्रदाता एक-दूसरे से संवाद कर पा रहे हैं. कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से बीमारियों की शुरुआती पहचान संभव होगी, जिससे इलाज सस्ता व प्रभावी बनेगा. आइआइटी जैसे संस्थानों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि हेल्थकेयर एआई में इनोवेशन सेंटर भविष्य के स्वास्थ्य समाधान तैयार कर रहे हैं.
वैशाली निगम सिन्हा का क्लीन एनर्जी पर जोर
रिन्यू की सह संस्थापक वैशाली निगम सिन्हा ने कहा कि आज के समय में इनोवेशन राष्ट्रीय आवश्यकता बन चुका है. उन्होंने क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन पर जोर देते हुए बताया कि रिन्यू सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्किलिंग, इन्क्लूजन और सस्टेनेबल लिवलीहुड्स को बढ़ावा देगा.
इंडस्ट्री-एकेडेमिया सहयोग से वास्तविक प्रगति संभव : संदीप कुमार
टाटा स्टील के वीपी संदीप कुमार ने आइआइटी आइएसएम को इनोवेशन का केंद्र बताते हुए कहा कि क्यूरियोसिटी-ड्रिवन थिंकिंग और इंडस्ट्री-एकेडेमिया सहयोग से ही वास्तविक प्रगति संभव है. कहा कि उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच तालमेल से नई तकनीकों का विकास तेजी से होगा.विज्ञान को समाज के उपयोगी परिणामों में बदलें : डॉ. शिर्षेंदु
वाधवानी इनोवेशन नेटवर्क के डॉ शिर्षेंदु मुखर्जी ने कहा कि असली प्रगति तब होती है, जब विज्ञान को समाज के उपयोगी परिणामों में बदला जाये. उन्होंने वाधवानी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को रिसर्च और इंडस्ट्री के बीच मजबूत सेतु बताया.घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने की जरूर: अथर शाहाब
जुवारी इंडस्ट्रीज के एमडी अथर शाहाब ने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनने के लिए स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट पर ध्यान देना होगा. उन्होंने आयात पर निर्भरता कम करने और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई.आरडीआई राउंडटेबल में इनोवेशन पर गहन चर्चा
कार्यक्रम के दौरान हाई-लेवल आरडीआई राउंडटेबल का आयोजन किया गया. इसमें आइआइटी, एनआइटी और अन्य संस्थानों के निदेशकों के साथ उद्योग जगत के प्रतिनिधियों व निवेशकों ने भाग लिया. इसमें टेक्नोलॉजी कमर्शियलाइजेशन, फंडिंग और ग्लोबल मार्केट एक्सपेंशन पर चर्चा हुई.आइआइटी आइएसएम के निदेशक प्रो सुकुमार मिश्रा ने स्वागत संबोधन कहा कि इंवेंटिव 2026 संस्थान की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत रिसर्च को वास्तविक जीवन के प्रभाव में बदला जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह मंच एकेडेमिया, इंडस्ट्री, स्टार्टअप्स और निवेशकों को जोड़कर इनोवेशन को वैलिडेट, स्केल और ग्लोबल स्तर तक पहुंचाने में सक्षम बनाता है.
दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन
इस अवसर पर रिन्यू सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और वाधवानी इनोवेशन नेटवर्क के तहत क्रिटिकल मिनरल्स सेंटर का उद्घाटन किया गया. ये केंद्र क्लीन एनर्जी, सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी और एडवांस्ड रिसर्च को बढ़ावा देंगे.
प्लेनरी सेशंस में भविष्य की तकनीकों पर चर्चा
पहले दिन सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मटेरियल साइंस, हेल्थकेयर और अर्थ साइंसेज पर प्लेनरी सेशंस आयोजित किये गये. इनमें इंडिजिनस चिप निर्माण, एआई एप्लिकेशन, डिजिटल हेल्थ और सस्टेनेबल माइनिंग जैसे विषयों पर चर्चा हुई.
स्टार्टअप और निवेश पर फोकस
कार्यक्रम का समापन वेंचर कैपिटलिस्ट्स के साथ फायरसाइड चैट के साथ हुआ. इसमें स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग और वैश्विक विस्तार के अवसरों पर चर्चा की गयी. दूसरे दिन स्टार्टअप पिचिंग और ए2बी मैचमेकिंग जैसे कार्यक्रम होंगे.
