मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत धनबाद जिले के सभी बूथों पर दावा-आपत्ति से जुड़ी सुनवाई शुरू हो गयी. अनमैप्ड करीब 1.27 लाख मतदाताओं को निर्वाचन विभाग ने नोटिस जारी कर सुनवाई के लिए बुलाया है. इन मतदाताओं को अपने दावे के समर्थन में जरूरी दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है.
छह विधानसभा क्षेत्रों में इनको मिली जिम्मेदारी
सिंदरी में निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह अपर समाहर्ता प्रदीप कुमार शुक्ला, निरसा में निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह अपर समाहर्ता आपूर्ति पंकज कुमार, धनबाद में निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी लोकेश कुमार भारंगे, झरिया में निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह अपर समाहर्ता विधि-व्यवस्था अरविंद कुमार देव ओझा, टुंडी में निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह डीसीएलआर दिलीप कुमार महतो और बाघमारा में निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह निदेशक डीआरडीए राजीव रंजन हैं.
नौ अतिरिक्त एइआरओ भी लगाये गये
दावा-आपत्ति और नोटिस सुनवाई का काम समय पर पूरा कराने के लिए जिले में अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी भी प्रतिनियुक्त किये गये हैं. इस प्रक्रिया में नौ अतिरिक्त एइआरओ लगाये गये हैं. जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त आदित्य रंजन ने सभी इआरओ, एइआरओ और अतिरिक्त एइआरओ को इस संबंध में प्रशिक्षण भी दिया था.
दस्तावेजों की जांच के बाद होगा फैसला
सुनवाई के दौरान मतदाताओं से उनके दावे के समर्थन में उपलब्ध प्रमाण देखा जायेगा. विभाग ने अधिकारियों को प्रत्येक मामले की गहन जांच के बाद ही निर्णय लेने को कहा है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने भी धनबाद के निरीक्षण के दौरान मतदाताओं के दस्तावेजों में मिली विसंगतियों की जांच कर सही मैपिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था.
दावा-आपत्ति की समय सीमा 15 सितंबर तक
एसआइआर के तहत दावा-आपत्ति की अवधि बढ़ाकर 15 सितंबर 2026 तक की गयी है. इसके बाद जांच और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी कर अंतिम मतदाता सूची तैयार की जायेगी. जिला निर्वाचन विभाग का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि पात्र मतदाता का नाम सूची से न छूटे और अपात्र नामों की जांच नियमानुसार हो.
