झारखंड के कोषागारों में आज एक सितंबर से पेपरलेस बिल सिस्सटम लागू हो गया. धनबाद कोषागार में भी अब निर्धारित श्रेणियों के बिल केवल ऑनलाइन स्वीकार किये जायेंगे. कागजी बिल के अंतिम दिन सोमवार को 500 से अधिक बिल लिये गये. धनबाद के निवर्तमान कोषागार पदाधिकारी पंकज कुमार के अनुसार अगस्त में करीब 2600 बिल जमा किये गये.
अब बिलिंग की सारी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
नयी व्यवस्था में बिल तैयार करने से लेकर उसे कोषागार भेजने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. पहले कागज पर बिल तैयार कर कोषागार में जमा करने के साथ पोर्टल पर भी इसकी प्रविष्टि करनी होती थी. अब नयी व्यवस्था में संबंधित बिलों को डिजिटल प्रक्रिया के तहत तैयार कर डिजिटल हस्ताक्षर के साथ भेजना होगा. डीडीओ स्तर पर ई-बिल की सुविधा पहले से उपलब्ध है.
छह श्रेणियों के बिल होंगे पूरी तरह डिजिटल
आज यानी एक सितंबर से वेतन बिल, आकस्मिक व्यय बिल, प्रमाणित एवं अन्य आकस्मिक बिल, यात्रा भत्ता, गृह निर्माण अग्रिम और मोटर वाहन अग्रिम के कागजी बिल स्वीकार नहीं होंगे. इनका ऑनलाइन निष्पादन अनिवार्य होगा.
सरकारी चेक समेत कई बिल फिलहाल नहीं होंगे पेपरलेस
हालांकि सरकारी चेक समेत कुछ अन्य श्रेणियों के बिलों को फिलहाल पूरी तरह कागजरहित नहीं किया गया है. इनके लिए 15 सितंबर या एक अक्तूबर 2026 को अगली कटऑफ तिथि निर्धारित की जा सकती है. वित्त विभाग इस संबंध में आगे निर्देश जारी करेगा. नयी व्यवस्था का उद्देश्य कोषागारों में कागजी काम घटाने, बिलों के निस्तारण को तेज करने और पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी व व्यवस्थित बनाना है.
