धनबाद के सभी 6 विधानसभा क्षेत्रों में लगेंगे 30 नए पावर सबस्टेशन, 2027 तक बदलेगी बिजली व्यवस्था

धनबाद जिले की बिजली आपूर्ति को मजबूत बनाने के लिए जेबीवीएनएल 30 नए पावर सबस्टेशन स्थापित कर रहा है. यह योजना 2027 तक पूरी होगी, जिसका लक्ष्य बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करना और आपूर्ति को विश्वसनीय बनाना है. इससे लंबे फीडरों की समस्या कम होगी और फॉल्ट की स्थिति में कम क्षेत्र प्रभावित होगा.

धनबाद. जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनाने की दिशा में झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने 30 नये पावर सबस्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके तहत मंगलवार से जिले के सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में संभावित स्थलों की मैपिंग का काम शुरू कर दिया गया है. योजना के अनुसार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पांच-पांच विद्युत शक्ति उपकेंद्र स्थापित किये जायेंगे.

जेबीवीएनएल अधिकारियों के अनुसार मैपिंग के दौरान उन क्षेत्रों की पहचान की जा रही है, जहां बिजली का लोड अधिक है, मौजूदा सबस्टेशनों पर दबाव बढ़ चुका है या भविष्य में बिजली की मांग बढ़ने की संभावना है. सर्वे के आधार पर संभावित स्थानों को चिह्नित किया जायेगा. इसके बाद संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उपयुक्त स्थलों पर चर्चा की जायेगी. सहमति बनने के बाद जमीन उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन से सहयोग मांगा जायेगा.

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जमीन मिलने के बाद शुरू होगी अगली प्रक्रिया

अधिकारियों के अनुसार जमीन उपलब्ध होने के बाद तकनीकी सर्वे, डिजाइन और निर्माण से संबंधित प्रक्रियाएं शुरू की जायेंगी. निगम ने वर्ष 2027 के अंत तक सभी प्रस्तावित सबस्टेशनों का काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है.

लंबे फीडरों की समस्या होगी कम

वर्तमान में जिले के कई हिस्सों में एक ही सबस्टेशन से बड़े क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की जाती है. इससे फीडरों की लंबाई बढ़ जाती है और लोड का दबाव भी अधिक रहता है. नये सबस्टेशन बनने से बड़े आपूर्ति क्षेत्रों को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित किया जा सकेगा. इससे फीडरों पर भार कम होगा और बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर हो सकेगी.

जेबीवीएनएल ने 33/11 केवी फीडरों की लंबाई सीमित रखने की भी योजना बनायी है. इसके तहत शहरी क्षेत्रों में फीडर की लंबाई लगभग पांच से 10 किलोमीटर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 किलोमीटर तक रखने का लक्ष्य है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लाइन के अंतिम छोर तक कम वोल्टेज की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी.

फॉल्ट होने पर कम क्षेत्र होगा प्रभावित

नई व्यवस्था का एक बड़ा लाभ यह होगा कि किसी फीडर में खराबी आने पर पूरे बड़े इलाके की बजाय सीमित क्षेत्र की बिजली आपूर्ति प्रभावित होगी. छोटे फीडर और अलग-अलग सबस्टेशन होने से फॉल्ट वाले हिस्से की पहचान तेजी से की जा सकेगी और बिजली बहाली में कम समय लगेगा.

बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए योजना

धनबाद में लगातार बढ़ते शहरी विस्तार, नये आवासीय क्षेत्रों, व्यावसायिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास के कारण बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में प्रस्तावित 30 नये सबस्टेशन न केवल मौजूदा दबाव को कम करेंगे, बल्कि भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे. इससे नये क्षेत्रों में बिजली नेटवर्क विस्तार और बढ़ते लोड के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलने की उम्मीद है.

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By Vicky Prasad

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