फेम इंडिया की टॉप-25 आइपीएस सूची में धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार, झारखंड से एकमात्र अधिकारी

फेम इंडिया की सूची में धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार को देश के टॉप-25 आईपीएस अधिकारियों में जगह मिली है. झारखंड से शामिल होने वाले वे एकमात्र अधिकारी हैं.

धनबाद. धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार एक और बड़ी उपलब्धि के साथ चर्चा में हैं. प्रतिष्ठित संस्था फेम इंडिया की ओर से जारी देश के टॉप-25 आइपीएस अधिकारियों की सूची में उन्हें स्थान मिला है. खास बात यह है कि इस सूची में झारखंड से शामिल होने वाले वे एकमात्र आइपीएस अधिकारी हैं. उनकी इस उपलब्धि से झारखंड पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना हुई है.

फेम इंडिया एक ऐसी संस्था है जो विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन काम करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं का मूल्यांकन करती है. यह मूल्यांकन प्रक्रिया कई महत्वपूर्ण मापदंडों पर आधारित होती है, जिनमें कार्य निष्पादन, अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक दक्षता शामिल हैं. फेम इंडिया ने देशभर के पुलिस अधिकारियों की रैंकिंग जारी की. इसमें काम, अपराध पर काबू, प्रशासनिक कुशलता, लोगों से जुड़ाव, लीडरशिप क्वालिटी और नई सोच वाली पुलिसिंग जैसे मापदंडों पर मूल्यांकन किया गया.

पहले इन जिलों में भी संभाली कमान: एसएसपी प्रभात कुमार का अनुभव

वर्तमान में धनबाद के एसएसपी के रूप में कार्यरत प्रभात कुमार इससे पहले जमशेदपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक और पाकुड़ के पुलिस अधीक्षक के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उनके नेतृत्व में धनबाद पुलिस ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ लगातार प्रभावी अभियान चलाया है. इन अभियानों में खासकर संगठित गिरोहों की कमर तोड़ने पर ज़ोर रहा. उदाहरण के लिए, उनके नेतृत्व में धनबाद पुलिस ने साइबर अपराध से निपटने के लिए एक नई तकनीक अपनाई, जिससे मामलों के निपटान में तेजी आई.

2025 में अपराधियों पर नकेल: 1,799 गिरफ्तारियां

वर्ष 2025 के दौरान धनबाद पुलिस ने संगठित अपराध, हत्या, डकैती, लूट, चोरी, अवैध शराब, मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर अपराध और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामलों में व्यापक कार्रवाई करते हुए 1,799 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा. धनबाद पुलिस के इन आँकड़ों की पुष्टि के लिए आप धनबाद पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट या फेम इंडिया की रिपोर्ट देख सकते हैं. उदाहरण के तौर पर, एक बड़े नशीले पदार्थ की तस्करी गिरोह का पर्दाफाश कर उसके मुख्य सरगना समेत कई सदस्यों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया. इसी तरह, शहर को दहलाने की फिराक में जुटे एक डकैत गिरोह के सदस्यों को भी पकड़ा गया. अपराधी गिरोहों के नेटवर्क को ध्वस्त करने और संगठित अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में भी पुलिस ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की.

वर्ष 2026 में फरार और वांछित अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर लंबित वारंटों का निष्पादन किया गया. साइबर अपराध और म्यूल बैंक खातों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गयी. इन कार्रवाईयों के ज़रिए कई ऑनलाइन ठगी के मामलों में फंसे लोगों को राहत दिलाई गई. वहीं, लोगों की शिकायतों के तुरंत समाधान, पीजी पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के हल और पुलिस बल के ट्रेनिंग पर भी विशेष ध्यान दिया गया.

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By Niraj ambasta

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