धनबाद, (भागवत दास की रिपोर्ट): धनबाद जिला स्थित पूर्वी टुंडी प्रखंड अंतर्गत उकमा पंचायत के कोरैया गांव में शुक्रवार की मध्यरात्रि एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां मिट्टी के घर में मां के साथ जमीन पर सो रहे दो सगे मासूम भाई-बहन की जहरीले सांप के डंसने से मौत हो गई. इस दोहरे वज्रपात से पूरे क्षेत्र में मातम छा गया है. हैरान करने वाली बात यह रही कि इस जहरीले सांप को किसी ने आते-जाते या घर के आसपास भी नहीं देखा.
जमीन पर सो रहे थे दोनों मासूम
घटना के संबंध में बताया जाता है कि कोरैया गांव निवासी आदिवासी महिला सितोली सोरेन अपने तीन बच्चों के साथ खपरैल के घर में सोई हुई थी. बड़ा बेटा महावीर सोरेन (12) खटिया पर था, जबकि मां अपने दोनों छोटे बच्चों- महिमा सोरेन उर्फ माही (7) और रितेश सोरेन (3) के साथ जमीन पर चटाई बिछाकर सोई हुई थी.
अचानक बिगड़ी तबीयत, झाग फेंकने लगे बच्चे
आधी रात को लगभग 12 बजे अचानक दोनों बच्चों की तबीयत बिगड़ गई. उन्हें पेट में तेज दर्द और भारी बुखार आ गया. मां ने घबराकर बगल के कमरे में सो रहे वृद्ध सास-ससुर को जगाया. देखते ही देखते दोनों मासूमों के मुंह से झाग निकलने लगा. शोर सुनकर आसपास के पड़ोसी भी जुट गए. परिजनों ने अपने स्तर से करीब 3-4 घंटे तक बच्चों को बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन स्थिति बिगड़ती चली गई.
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अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
सुबह करीब 5 बजे परिजन दोनों मूर्छित बच्चों को लेकर एस एन एम एमसीएच (SNMMCH), धनबाद भागे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया. मृतक बच्चों के पिता सोमलाल सोरेन तमिलनाडु में मजदूरी करते हैं, जिन्हें इस हादसे की सूचना दे दी गई है.
मुआवजे के लिए पोस्टमार्टम को राजी हुए परिजन
घटना की सूचना मिलते ही उकमा पंचायत की मुखिया सुनीता हेंब्रम, भाजपा प्रखंड अध्यक्ष भीमलाल भंडारी, झामुमो कार्यकर्ता अभिराम मुर्मू और स्थानीय शिक्षक पीड़ित परिवार ढाढस बंधाने पहुंचे. उन्होंने आपदा प्रबंधन के तहत मिलने वाली सरकारी मुआवजा राशि के बारे में बताया, लेकिन दुखी मां बच्चों के शव का पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं थी. बाद में पूर्वी टुंडी पुलिस और अंचल सीआई चंदन कुमार ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाया, जिसके बाद शवों को कागजी प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.
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