मनोहर कुमार की रिपोर्ट
Dhanbad SBI Bank Scam : करीब 20 साल पुराने चर्चित SBI मुख्य शाखा, धनबाद बैंक घोटाला मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी), धनबाद को बड़ी सफलता मिली है. सीबीआई ने वर्ष 2005 के इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो घोषित अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों आरोपी करीब 20 वर्षों से कानून की गिरफ्त से बचते फिर रहे थे.
क्या है पूरा मामला ?
सीबीआई के अनुसार, RC-11(A)/2005-D के तहत 31 अगस्त 2005 को मामला दर्ज किया गया था. आरोप था कि नवंबर 2002 से जून 2005 के बीच स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा, बैंक मोड़, धनबाद से करीब 1.25 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और गबन किया गया था. इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 420 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी. जांच के दौरान सामने आया था कि मामले के आरोपी बृजभूषण प्रसाद और करतार सिंह सीबीआई केस दर्ज होने के बाद नेपाल भाग गए थे. दोनों को बाद में घोषित अपराधी घोषित किया गया था. उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था और गिरफ्तारी पर नकद इनाम घोषित था.
CBI की जांच में क्या मिला ?
सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, नेपाल से भारत लौटने के बाद दोनों आरोपी अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग राज्यों में रह रहे थे, जिससे गिरफ्तारी और न्यायिक प्रक्रिया से बच सकें. पिछले तीन-चार महीनों से सीबीआई एसीबी धनबाद की टीम दोनों की तलाश में लगातार जुटी हुई थी. मानव स्रोतों और तकनीकी निगरानी के आधार पर उनके ठिकानों की सटीक जानकारी जुटाई गई.
20 साल बाद फरार आरोपी गिरफ्तार
रविवार को एक सामूहिक और एक साथ चलाए गए अभियान में सीबीआई ने दोनों आरोपियों को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार कर लिया. बृजभूषण प्रसाद को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के कोपरगांव से जबकि करतार सिंह को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से गिरफ्तार किया गया. करीब 20 वर्षों तक फरार रहने के बाद हुई इन गिरफ्तारियों को सीबीआई एसीबी धनबाद की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. दोनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सक्षम न्यायालय में पेश किया जा रहा है.
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