धनबाद में साइबर ठगी रोकने की बनी रणनीति, 82 बैंक शाखाओं के प्रबंधकों के साथ पुलिस ने की बैठक

धनबाद पुलिस ने साइबर ठगी रोकने के लिए बैंक प्रबंधकों के साथ बैठक की. संदिग्ध खातों की निगरानी और त्वरित कार्रवाई पर विशेष जोर दिया गया है.

वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के निर्देश पर चल रहे विशेष साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत गुरुवार को समाहरणालय स्थित पुलिस सभागार में धनबाद पुलिस अनुमंडल क्षेत्र के सरकारी एवं निजी बैंकों के शाखा प्रबंधकों के साथ चौथे चरण की बैठक आयोजित की गयी. बैठक में 82 बैंक शाखाओं के प्रबंधक शामिल हुए. अध्यक्षता ग्रामीण एसपी एस मोहम्मद याकूब ने की.

बैठक में साइबर ठगी के बाद पैसों के ट्रांसफर के लिए इस्तेमाल होने वाले संदिग्ध बैंक खातों की पहचान और तत्काल कार्रवाई को लेकर विस्तृत चर्चा हुई. पुलिस ने बैंक अधिकारियों के साथ म्यूल बैंक अकाउंट, अचानक बड़े वित्तीय लेनदेन, नये खातों में असामान्य ट्रांजेक्शन और कुछ ही समय में कई खातों में रकम के ट्रांसफर जैसे पैटर्न साझा किये.

इस दौरान कहा गया कि किसी बैंक खाते में संदिग्ध गतिविधि दिखे तो सूचना देने में देरी न हो. ग्रामीण एसपी ने कहा कि साइबर अपराध के मामलों में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है. ठगी की रकम तेजी से अलग-अलग खातों में भेजी जाती है. ऐसे में बैंक से मिलने वाली समय पर सूचना रकम के आगे के प्रवाह को रोकने और अपराधियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है.

नये खातों पर भी रहेगी पैनी नजर

बैठक में नये बैंक खातों के फिजिकल वेरिफिकेशन, खाताधारकों के मोबाइल नंबर के सही सत्यापन और असामान्य तरीके से खोले जा रहे खातों की निगरानी पर भी विशेष जोर दिया गया.

पुलिस ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में अचानक बड़ी संख्या में खाते खुल रहे हो या कोई व्यक्ति लगातार दूसरे लोगों के नाम पर खाते खुलवाने में सक्रिय नजर आये तो इसकी जानकारी पुलिस को दें. इसके अलावा ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और अन्य संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े असामान्य वित्तीय लेनदेन पर भी निगरानी बढ़ाने को कहा गया.

पुलिस-बैंक के समन्वय पर जोर

ग्रामीण एसपी ने कहा कि साइबर अपराध से लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है. साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों पर बैंकिंग संस्थानों की सतर्क निगरानी और पुलिस की त्वरित कार्रवाई साथ-साथ चले तो अपराधियों के नेटवर्क को प्रभावी ढंग से कमजोर किया जा सकता है.

धनबाद पुलिस की रणनीति है कि साइबर ठगी की रकम को अपराधियों तक पहुंचने से पहले रोका जाये और संदिग्ध बैंक खातों की पहचान कर पूरे नेटवर्क तक पहुंचा जाये. इसके लिए पुलिस और बैंकिंग संस्थानों के बीच लगातार बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है.बैठक में डीएसपी विधि व्यवस्था प्रकाश सोय, साइबर डीएसपी प्रदीप कुमार साव, धनसार थाना प्रभारी मनोहर करमाली आदि मौजूद रहे.

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By Niraj ambasta

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