पुटकी, मुनीडीह कोल वाशरी में दो मई को स्लरी लोडिंग के दौरान चार दिहाड़ी मजदूरों की मौत के बाद समझौते के तहत मुआवजा राशि समेत अन्य लाभ नहीं मिलने के विरोध में संयुक्त मोर्चा ने बीसीसीएल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. आंदोलन के प्रथम चरण में मृतक मजदूरों के परिजनों के साथ संयुक्त मोर्चा के सदस्य गुरुवार से डब्ल्यूजे एरिया मुनीडीह के मुख्य द्वार के समक्ष तीन दिवसीय धरना पर बैठ गये. नेताओं ने कहा कि प्रबंधन जल्द मांगों को पूरा करे, अन्यथा छह जून से चक्का जाम कर डिस्पैच कार्य ठप कर दिया जाएगा. वक्ताओं ने कहा कि दुर्घटना के बाद प्रबंधन के साथ हुए लिखित समझौते के तहत प्रत्येक आश्रित को 20 लाख रुपये मुआवजा, एचपीसी वेतनमान पर आउटसोर्सिंग कंपनी में नियोजन तथा बच्चों के लिए डीएवी विद्यालय में नि:शुल्क शिक्षा की व्यवस्था पर सहमति बनी थी. बावजूद इसके अब तक मांगों पर अमल नहीं किया गया है. धरना में पीड़ित परिवार की आरती देवी, सावित्री देवी, शकुंतला देवी, चिंता देवी आदि के अलावा यूनियन प्रतिनिधियों में प्रीतम रवानी, रमेश सिंह, राजकुमार पांडेय, सुधीर सिंह, विद्या प्रकाश पांडेय, संजय सिंह, चक्रधर महतो, अर्जुन सिंह, वीरेंद्र कुमार, विजय पासवान, लोकनाथ महतो, छोटू दास, दयाशंकर सिंह, संजीवन चौहान, राजकुमार नापित निवारण महतो, छोटू सिंह, पंसस रखाल दास मौजूद थे.
Dhanbad News: मुनीडीह वाशरी हादसे के मृतकों के परिजनों व संयुक्त मोर्चा का धरना शुरू
समझौते के बावजूद मुआवजा व नियोजन नहीं मिलने पर रोष, मांगें पूरी नहीं होने पर छह जून से चक्का जाम की चेतावनी.
