धनबाद, बल्क डीजल की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति संकट से जूझ रहे कोल सेक्टर को आंशिक राहत देने की पहल शुरू हो गयी है. कोल इंडिया ने संकेत दिए हैं कि बल्क डीजल की कीमतों में हुई भारी वृद्धि की भरपाई के लिए आउटसोर्सिंग कंपनियों को अतिरिक्त राशि का रिइम्बर्समेंट (प्रतिपूर्ति) दिया जायेगा. हालांकि, जमीनी स्तर पर डीजल की अनियमित आपूर्ति के कारण उत्पादन पर असर अब भी बना हुआ है. सूत्रों के अनुसार, आउटसोर्सिंग कंपनियां एडवांस भुगतान करने के बावजूद समय पर पर्याप्त मात्रा में डीजल नहीं प्राप्त कर पा रही है. वर्तमान स्थिति यह है कि भुगतान के चार से पांच दिन बाद डीजल की आपूर्ति हो रही है, जिससे मशीनों का संचालन बाधित हो रहा है. इस देरी का सीधा असर कोयला उत्पादन पर पड़ रहा है. कोयला अधिकारियों का कहना है कि डीजल की लागत में अचानक वृद्धि से आउटसोर्सिंग कंपनियों की परिचालन लागत काफी बढ़ गयी है. इसे देखते हुए कोल इंडिया प्रबंधन ने अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया है, ताकि कंपनियां उत्पादन जारी रख सकें और परियोजनाएं पूरी तरह बंद ना हो. बता दें कि मिडिल ईस्ट में जारी संकट का असर अब कोल सेक्टर पर देख रहा है. इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी और आपूर्ति संकट के कोल इंडिया व अनुषंगी कंपनियों में संचालित आउटसोर्सिंग कंपनियों में उत्पादन प्रभावित हो रहा है. कारण बल्क में डीजल का दाम 85-90 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर करीब 140 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है.
Dhanbad News: एडवांस भुगतान के बावजूद आउटसोर्सिंग कंपनियों को 4-5 दिनों में मिल रहा डीजल, उत्पादन प्रभावित
Dhanbad News: बल्क डीजल की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति संकट से जूझ रहे कोल सेक्टर को आंशिक राहत देने की पहल शुरू हो गयी है, अतिरिक्त राशि रिइम्बर्स करेंगी कंपनी.
