धनबाद, झरिया क्षेत्र में आग और भू-धंसान से प्रभावित बस्तियों के पुनर्वास को लेकर जिला प्रशासन ने रफ्तार तेज कर दी है. उपायुक्त आदित्य रंजन ने सोमवार को समाहरणालय सभागार में संशोधित झरिया मास्टर प्लान की समीक्षा करते हुए बीसीसीएल व जेआरडीए को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों को बेलगड़िया में प्राथमिकता के आधार पर पुनर्वासित किया जाए. उन्होंने कहा कि यह केवल विकास का नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है. बैठक में बीसीसीएल के निदेशक तकनीकी संजय कुमार सिंह, महाप्रबंधक (जेएमपी), महाप्रबंधक (सेफ्टी), भूसंपदा पदाधिकारी, पूर्वी झरिया (इजे), बस्ताकोला, लोदना, पुटकी बलिहारी, कु्स्तौर, सिजुआ, कतरास, बरोरा, गोविंदपुर, ब्लॉक टू एरिया के महाप्रबंधक तथा जेआरडीए के पदाधिकारी मौजूद थे.
अग्नि व भू-धंसान प्रभावितों को जल्द शिफ्ट करने पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि कई बस्तियां जमीन के नीचे लगी आग, गैस रिसाव और भू-धंसान जैसी खतरनाक स्थितियों से प्रभावित हैं. ऐसे में लोगों का सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास बेहद जरूरी है. उन्होंने निर्देश दिया कि लीगल टाइटल होल्डर (एलटीएच) और नन लीगल टाइटल होल्डर (नन एलटीएच) दोनों को मास्टर प्लान के प्रावधानों के तहत व्यवस्थित तरीके से बसाया जाए. साथ ही, पुनर्वास के दौरान मुआवजा भुगतान में देरी नहीं होनी चाहिए.
मुआवजा, आवास व बुनियादी सुविधाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा
बैठक में पुनर्वास से जुड़े विभिन्न पहलुओं जैसे आवास आवंटन, वित्तीय सहायता, परिवहन और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट पर चर्चा की गयी. जेआरडीए ने बताया कि बेलगड़िया में 3737 आवासों की मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है. इनमें रूफ ट्रीटमेंट के साथ 10 साल की वारंटी, बाथरूम व फर्श में नई टाइल्स, डिस्टेंपर पेंट, कंसिल्ड वायरिंग और पीवीसी वाटर टैंक की सुविधा शामिल है. कार्य की गुणवत्ता की निगरानी आइआइटी आइएसएम द्वारा की जा रही है.
टाउनशिप में सुरक्षा व बुनियादी सुविधाओं पर हुई चर्चा
इसके अलावा बेलगड़िया टाउनशिप में सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है. टीओपी की स्थापना, रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी का गठन, हैंडपंप की मरम्मत, नए पंप सेट और बोरवेल का प्रस्ताव, सड़कों का निर्माण व चौड़ीकरण, आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन, हेल्थ सब-सेंटर, शिकायत निवारण केंद्र और प्रशासनिक भवन का निर्माण किया जा रहा है. साथ ही, रोजगार सृजन के लिए स्किल सेंटर, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, पेयजल, स्वच्छता, बिजली, स्ट्रीट लाइट, स्कूल और सार्वजनिक परिवहन की सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं.
