धनबाद में साल 2024 के अंतिम नेशनल लोक अदालत में 3.7 लाख वादों का हुआ निबटारा

Dhanbad News: धनबाद के नेशनल लोक अदालत में तीन लाख सात हजार 227 विवादों का निबटारा किया गया. इस दौरान 12 अरब 44 करोड़ से अधिक की रिकॉर्ड रिकवरी की गयी.

धनबाद : नालसा के निर्देश पर साल 2024 का अंतिम नेशनल लोक अदालत का ऑनलाइन उद्घाटन शनिवार को झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के एक्जीक्यूटिव चेयरमैन जस्टिस एसएन प्रसाद ने रांची से किया. धनबाद के प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश सह डलसा के चेयरमैन वीरेंद्र कुमार तिवारी ने मौके पर धनबाद में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि नेशनल लोक अदालत अब परिचय का मोहताज नहीं रह गया है, वह लोगों की आदत में शामिल हो चुका है. हमारा संविधान हर किसी को सामाजिक, आर्थिक व सस्ता सुलभ न्याय की गारंटी देता है.

क्या फायदा है लोक अदालत का

लोक अदालत में महीनों कोर्ट का चक्कर लगाने और पैसे की बर्बादी से बचा जा सकता है. इससे लोगों को मानसिक शांति भी मिलती है. साथ ही प्रेम और सौहार्द आपस में फिर से बन जाता है. डीडीसी धनबाद सादात अनवर ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आम आदमी के हित लगाये जाते हैं. धनबाद बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष धनेश्वर महतो ने कहा कि डलसा आम लोगों के हित में लगातार काम कर रहा है. सिटी एसपी अजीत कुमार ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से व्यापक पैमाने पर मुकदमों का निष्पादन किया जा रहा है. इसमें समय की बचत के साथ-साथ वादकारियों को विभिन्न कानूनी पचड़ों से मुक्ति मिल रही है.

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तीन लाख सात हजार 227 विवादों का हुआ निबटारा

अवर न्यायाधीश सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार राकेश रोशन व मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी आरती माला ने बताया कि विवादों व मुकदमों के निबटारे के लिए प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश के आदेश पर 13 बेंच का गठन किया गया था. इनके द्वारा विभिन्न तरह के सुलहनीय तीन लाख सात हजार 227 विवादों का निबटारा किया गया. 12 अरब 44 करोड़ तीन लाख 22 हजार 704 रुपये की रिकॉर्ड रिकवरी की गयी. इसमें 24 हजार 274 ऐसे मुकदमे थे, जो विभिन्न अदालतों में लंबित थे. उन्होंने सभी वादकारी, न्यायिक पदाधिकारियों विभाग के अधिकारियों व बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं का सहयोग के लिए आभार प्रकट किया.

ये थे मौजूद

न्यायिक पदाधिकारियों में प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय टी हसन, एसएन मिश्रा, जिला व सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी, संजय कुमार सिंह, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, आरती माला, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राजीव त्रिपाठी, सिविल जज एंजेलिना जॉन, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी अभिजीत पांडेय, रेलवे मजिस्ट्रेट मनोज कुमार, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी ऋषि कुमार, हेमंत कुमार सिंह, संतोषणी मुर्मू ,स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष पीयूष कुमार, सर्टिफिकेट ऑफिसर रवींद्रनाथ ठाकुर, जिला उपभोक्ता फोरम की सदस्य शिप्रा डालसा के पैनल अधिवक्ता, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के टीम, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे.

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By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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