धनबाद से प्रतीक पोपट की रिपोर्ट
Dhanbad LPG Crisis: झारखंड के धनबाद और इसके आसपास के इलाकों में एलपीजी सिलेंडर के घमासान शुरू हो गया है. स्थिति यह है कि रसोई गैस नहीं मिलने की वजह से लोग आक्रोशित हैं. शहर के किसी एक भाग में लोग एजेंसी कर्मचारियों या फिर ग्राहक ग्राहक से भिड़ जा रहे हैं, तो कहीं सड़क जामकर आक्रोश और विरोध प्रदर्शित किया जा रहा है.
सुबह 6 बजे से लग रही उपभोक्ताओं की कतार
धनबाद के मटकुरिया में लोग सुबह 6 बजे से एलपीजी सिलेंडर के लिए लाइन में लग रहे है. लाइन में लगे लोग आपस मे झगड़ भी जा रहे. आज शहर में देखने को मिला कि पहले एलपीजी सिलेंडर लेने के चक्कर में लोगों की लड़ाई हो गई. किसी तरह मामला को शांत कराया गया. उपभोक्ताओं का कहना है कि सुबह से लाइन में खड़े हैं, लेकिन सिलेंडर नहीं मिल रहा है.
धनबाद-सिंदरी रोड जाम
इसके साथ ही, बस्ताकोला रेस्क्यू के पास धनबाद-सिंदरी रोड पर सिलेंडर नहीं मिलने के विरोध में आक्रोशित उपभोक्ताओं ने सड़क जाम कर अपना विरोध प्रदर्शित किया. इस इलाके के उपभोक्ता पिछले चार दिनों से गैस सिलेंडर पाने के लिए परेशान हैं. लोग सबेरे-सबेरे सिलेंडर लेकर एजेंसी के गेट पर पहुंच रहे हैं, लेकिन हर दिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है.
गैस की कालाबाजारी का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि गैस एजेंसी में अव्यवस्था के साथ-साथ सिलेंडर की कालाबाजारी भी हो रही है. उनका कहना है कि पहले बुकिंग के बाद गैस सिलेंडर सीधे घर तक पहुंचा दिया जाता था, लेकिन अब उपभोक्ताओं को खुद एजेंसी के सामने लंबी लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है. कई लोगों ने यह भी बताया कि उन्होंने 4 से 5 दिन पहले ही गैस के लिए भुगतान कर दिया था. इसके बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिल रहा है.
बस्ताकोला में 11 बजे तक नहीं खुली एजेंसी
मंगलवार सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग बस्ताकोला इंडियन गैस एजेंसी के पास इकट्ठा होने लगे. जब करीब 11 बजे तक एजेंसी नहीं खुली, तो लोगों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने मुख्य सड़क को जाम कर दिया. करीब आधे घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर जाम खत्म कराया.
इसे भी पढ़ें: चतरा की महिलाओं कब मिलेगा मंईयां सम्मान योजना का पैसा? राशि नहीं मिलने हो रहीं परेशान
उग्र आंदोलन करने की चेतावनी
हालांकि, लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही गैस की आपूर्ति सुचारू नहीं हुई, तो वे फिर से उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे. लोगों का यह भी मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव का असर अब स्थानीय बाजारों पर भी दिखने लगा है, जिससे गैस की कमी और बढ़ गई है.
इसे भी पढ़ें: जंगल से जलावन की लकड़ी लाने गए थे बुजुर्ग, तभी आकाश से गिरी बिजली, जानें फिर क्या हुआ?
